जो मरीज अस्थमा क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस व अन्य सांस की बीमारियों से पहले से जूझ रहे हैं और जो अभी कोरोना से ठीक हुए हैं, उनको फेफड़ों को मजबूत बनाए रखने के लिए अपनी दवाइयां नियमित रूप से लेना चाहिए। आगरा के वक्ष रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव लवानियां की सलाह है कि फेफड़ों को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन व्यायाम करें।
डॉ. संजीव का कहना है कि जो मरीज कोरोना से ठीक हुए हैं, उनको डरने और घबराने की जरूरत नहीं है। यदि नियमित रूप से व्यायाम, पोषक भोजन और उचित काउंसलिंग लेते रहेंगे तो भविष्य में होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को दूर किया जा सकता है। समय-समय पर अपने चिकित्सक की सलाह जरूर लेते रहें।
गले में खराश, थकान, नाक बंद रहना, बुखार, शरीर में दर्द, उल्टियां होना, ऐसे लक्षण है जो कोरोना के -साथ अन्य बीमारियों में भी मिलते हैं। इसलिए इन लक्षण के होने पर अपने चिकित्सक की सलाह लें, उनकी सलाह से ही दवाएं लें। अपने मन से इलाज न शुरू कर दें। ऐसा करने से मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
इन बातों का ध्यान रखें
- मरीज सुबह जल्दी से उठ कर सांस की एक्सरसाइज करें।
- मांसपेशियां मजबूत बनाने की एक्सरसाइज प्राणायाम आदि घर पर रहते हुए करें।
- खाने में सभी पोषक तत्व शामिल करें, हरी सब्जियां, फल, दूध और प्रोटीन की उचित मात्रा लें।
- कोरोना से ठीक होने के बाद भी सभी लोगों को सामाजिक दूरी, मास्क आदि की सावधानी अपनानी चाहिए।
- टीबी के मरीज का जो इलाज चल रहा है, उसे लगातार जारी रखें।
कोरोना के मरीजों को ब्लैक फंगस से डरने की जरूरत नहीं
डॉ. संजीव का कहना है कि कोरोना के मरीजों को ब्लैक फंगस से डरने की जरूरत नहीं है। फंगल इन्फेक्शन सभी मरीजों को नहीं होता है, यह उन मरीजों में होने की संभावना अधिक रहती है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। डायबिटीज, कैंसर और ऐसी दवाइयां जो मरीज अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए ले रहे हों, उनको बीमारी होने की संभावना रहती है।