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UP: 2 लाख में नेवी-कोस्ट गार्ड परीक्षा पास कराने का सौदा, फर्जीवाड़ा गैंग का सरगना निकला सॉल्वर जतिन

Mon, 22 Sep 2025 08:05 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

कानपुर के महाराजपुर थानाक्षेत्र में पुलिस ने सॉल्वर गिरोह पकड़ा है, जिनके द्वारा  नेवी कोस्ट गार्ड की ऑनलाइन परीक्षा में पास कराने के लिए दो लाख रुपये में ठेका लिया था। 
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पकड़े गए सॉल्वर गैंग के चार आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर के महाराजपुर थानाक्षेत्र में रूमा स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज से नेवी कोस्ट गार्ड की ऑनलाइन परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर धांधली करने वाले गिरोह का सरगना फिरोजाबाद निवासी सॉल्वर जतिन निकला है। जतिन ने दो लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का ठेका लिया था। शनिवार को परीक्षा के दौरान जतिन के साथ अभिषेक कुमार, प्रवेश और कासिम को गिरफ्तार किया था। कासिम खंदाैली के सैमरा गांव का रहने वाला है। वह कोचिंग चलाता है।
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मामले में केंद्र व्यवस्थापक राजीव शुक्ला ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। क्राइम ब्रांच और महाराजपुर पुलिस ने पकड़े गए सरगना समेत चारों आरोपियों को रविवार को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। जतिन ने पुलिस को बताया कि दो लाख रुपये में सौदा हुआ था। 50 हजार रुपये उसे परीक्षा देने के बाद केंद्र के बाहर मिलने थे जबकि शेष 1.50 लाख रुपये परीक्षा पास करने पर देने की बात तय हुई थी।

 

एसीपी चकेरी अभिषेक कुमार पांडेय ने बताया कि सरगना जतिन ग्वालियर और लखनऊ के कृष्णानगर थाने से जेल जा चुका है। जतिन आगरा के नगला कली, देवरी रोड निवासी अभिषेक कुमार की जगह परीक्षा दे रहा था। जतिन और अभिषेक ने अपनी सीटें बदल ली थीं। इसके बाद दोनों से पूछताछ के बाद परीक्षा केंद्र के बाहर से उनके साथी खंदाैली के गांव सैमरा निवासी कासिम व वहीं के नगला कली निवासी प्रवेश पांडेय को भी पकड़ लिया गया।

 
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कासिम के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं
एसीपी चकेरी के अनुसार, कासिम भी साॅल्वर है। वह दूसरी पाली में अभ्यर्थी प्रवेश पांडेय की जगह परीक्षा देने आया था लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही दोनों को दबोच लिया गया। कासिम तीन भाई और पांच बहन हैं। पिता दूध का व्यापार करते हैं। कासिम की गांव में ही कोचिंग है। उसे ब्रांडेड कपड़े, जूते और घड़ी पहनने का शाैक है। इस कारण वो कोचिंग में पढ़ाने के साथ ही साॅल्वर भी बन गया। हालांकि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
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