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बोर्ड परीक्षा: CCTV से मूल्यांकन की निगरानी... बिना मोबाइल शिक्षकों को प्रवेश; एक गलती पर नहीं दे सकेंगे शून्य

Sat, 16 Mar 2024 10:06 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

यूपी बोर्ड परीक्षाओं का मूल्यांकन शुरू हो गया है। CCTV से निगरानी की जा रही है। वहीं शिक्षकों को भी बिना मोबाइल के प्रवेश दिया जा रहा है। इस बार एक गलती पर शिक्षक शून्य नहीं दे सकेंगे। 
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नगर निगम इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर मूल्यांकन करते शिक्षक-शिक्षिकाएं - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं 22 फरवरी को समाप्त हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश के आगरा में शनिवार से राजकीय इंटर कॉलेज समेत पांच विद्यालयों में मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया है। इससे पहले मूल्यांकन प्रभारियों ने उप प्रधान परीक्षक के साथ बैठक कर बोर्ड की ओर से जारी किए गए दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। बताया गया कि मूल्यांकन केंद्र के अंदर कोई भी परीक्षक मोबाइल लेकर नहीं जाएगा। सभी मूल्यांकन केंद्र व प्रत्येक कक्ष सीसीटीवी कैमरे के जरिए कंट्रोल रूम की निगरानी में रहेंगे।

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राजकीय इंटर कॉलेज के प्राचार्य और प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक मानवेंद्र सिंह ने बताया कि मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों को मोबाइल फोन मूल्यांकन कक्ष में रखने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही बोर्ड परीक्षा की तर्ज पर पांचों मूल्यांकन केंद्र के सभी कक्ष जीआईसी में बने कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे। यहां से सभी केंद्रों की सीधी निगरानी रखी जाएगी।

बोर्ड की ओर से मूल्यांकन कार्यों के पर्यवेक्षण का दायित्व जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य डॉ. आईपीएस सोलंकी को सौंपा गया है। उन्होंने शनिवार को पांचों परीक्षा केंद्र प्रभारियों को बोर्ड के नियमानुसार मूल्यांकन के निर्देश दिए।
 

शनिवार को पहले दिन एमडी जैन इंटर कॉलेज, आरबीएस इंटर कॉलेज, नगर निगम इंटर कॉलेज और एनसी वैदिक इंटर कॉलेज में उप प्रधान परीक्षक (डीएचई) की ओर से 20-20 कॉपियों का आदर्श मूल्यांकन करके दिखाया। राजकीय इंटर कॉलेज में डीएचई विज्ञान राकेश चाहर, शिक्षक चाहरवाटी इंटर कॉलेज अकोला ने बताया कि पहले दिन विज्ञान विषय के ग्रुप बनाने की कवायद चली।

 

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ये हैं निर्देश

  • उप प्रधान परीक्षक की ओर से आदर्श उत्तर पुस्तिका के रूप में 20 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा।
  • हाईस्कूल के परीक्षक एक दिन में अधिकतम 50 और इंटर के परीक्षक अधिकतम 45 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करेंगे।
  • प्रश्नों का मूल्यांकन स्टेप बाई स्टेप प्रक्रिया के अनुसार किया जाए। उदाहरणार्थ यदि किसी प्रश्न को सही हल करने पर क्रमशः 1+1+1=3 अंक निर्धारित हैं। परीक्षार्थियों ने अगर दो अंश सही किए हैं तो उसे 1+1=2 अंक दिए जाएं। एक गलती पर शून्य अंक नहीं दिया जाएगा।
  • परीक्षार्थी की ओर से हल किए गए सही उत्तर पर पूर्ण अंक दिए जाएं।
  • अगर किसी परीक्षार्थी ने निर्धारित से अधिक प्रश्न हल किए हैं तो जिस प्रश्न पर अधिक अंक मिल रहे हों उसे बनाए रखते हुए कम प्राप्तांक वाले प्रश्न को अतिरिक्त मानते हुए निरस्त किया जाए।
  • विज्ञान, गणित अथवा अन्य तकनीकी विषयों में परीक्षार्थी ने यदि किसी प्रश्न को हल करने में उसके स्टेप्स को सही लिखा है लेकिन उसने उत्तर गलत लिख दिया है तो उसे शून्य अंक न देकर उत्तर के अनुसार अपेक्षित अंक दिए जाएं।
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