यू्ट्यूब से सीखकर गिरोह 500-500 रुपये के नकली नोट छाप रहा था। एत्मादपुर पुलिस ने दिल्ली के तेजेंद्र उर्फ तजेंद्र उर्फ काका और नगला लाले (एत्मादपुर) के सुभाष को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया। इनका सरगना फिरोजाबाद का गैंगस्टर बिट्टू फरार है। नोट छापने के लिए ये कंप्यूटर और साफ्टवेयर की मदद ले रहे थे।
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एसीपी एत्मादपुर पियूषकांत राय ने बताया कि नकली नोट बनाने वाले के गैंग क बारे में सूचना मिली थी। बुधवार को आरोपियों को पकड़ लिया। पकड़ा गया आरोपी तेजेंद्र मूलरूप से मंगोलपुरी, नई दिल्ली का है। वर्तमान में नगला लाले में पकड़े गए अपने साथी सुभाष के घर में रह रहा था। पुलिस की पूछताछ में तेजेंद्र ने बताया कि पूर्व में उसे नकली नोट के मामले में दिल्ली और फिरोजाबाद पुलिस जेल भेज चुकी है।
हाल ही में फिरोजाबाद जेल में उसकी मुलाकात थाना लाइनपार स्थित गुदाऊ निवासी गैंगस्टर बिट्टू से हुई थी। बिट्टू लूट के मामले में बंद था। दोनों में दोस्ती हो गई। बिट्टू ने नकली नोट देने के बदले तेजेंद्र की 4 महीने पहले जमानत करा दी। खुद भी जेल से बाहर आ गया। वह मामा सुभाष के घर में तेजेंद्र से नोट छपवाने लगा। पुलिस अब बिट्टू की तलाश में लगी है।
यह हुई बरामदगी
आरोपियों के पास से सात हजार रुपये के नकली नोट, दो मोबाइल, एक लेपटॉप, एक माउसपैड, कार्ड रीडर, दो प्रिंटर, एक स्कैनर, एक यूएसबी हब, एक हीट एम्बोजिंग मशीन, एक वाॅटरमार्क फ्रेम सेटअप, एक बोतल केमिकल, दो हाइड्रोजन बोतल, एक डेबल ट्रे, 5 कलर के डिब्बे, एक वाॅटरमार्क महात्मा गांधी, 80 स्टाम्प पेपर (10 रुपये के) सहित तमाम उपकरण मिले। वही फरार आरोपी के लिए दबिश दी जा रही है।
आगरा में पूर्व में भी पकड़े गए आरोपी
नकली नोट का मामला पहली बार सामने नहीं आया। इससे पहले भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। सदर क्षेत्र में दो बार गिरोह पकड़ा गया था। वह भी प्रिंट करके नोट तैयार करते थे। वहीं एत्माद्दाैला क्षेत्र में बांग्लादेशी महिला पकड़ी गई थी। मामले की जांच एनआईए ने की थी।