मिशन शक्ति कार्यक्रम में सरकार महिलाओं के स्वावलंबन, स्वाभिमान और सम्मान के लिए अभियान चला रही है, वहीं खाकी वर्दी उसकी मंशा को पलीता लगा रही है। एक 14 वर्षीय बालिका के साथ कथित छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने आरोपी पर इतनी मेहरबानी की पहले उसका मेडिकल कराया, इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कर पीड़ित पक्ष के चार लोगों का शांतिभंग में चालान कर दिया। क्रॉस केस में अदालत ने भी माना कि पुलिस ने एंटी टाइम एफआईआर दर्ज की है। हालांकि आरोपी को कोर्ट ने जमानत दे दी है। अब पीड़ित पक्ष अदालत में विशेष प्रार्थनापत्र के साथ ही डीआईजी और डीजीपी से इस मामले में शिकायत दर्ज कराएगा।
मामला पिछले माह जनवरी का है। थाना सकरौली क्षेत्र के एक गांव में 14 वर्षीय बालिका से उसी के चाचा ने उस समय छेड़छाड़ की जब वह गोबर डालने गई थी। बालिका के चिल्लाने पर आरोपी भाग गया। 26 जनवरी को जब आरोपी गांव आया तो पीड़ित के परिजनों ने उससे शिकायत दर्ज कराई। इस पर वह गाली-गलौज कर भाग गया। मामले की रिपोर्ट बालिका के पिता ने रणवीर सिंह के खिलाफ दर्ज कराई।
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उप निरीक्षक राजेश कुमार हमराह रवि कुमार, दीपक कुमार के साथ गांव में आरोपी की गिरफ्तारी करने पहुंचे, वह घर पर नहीं मिला। इस पर एसआई पीड़ित के घर पहुंचे और बालिका के बयान दर्ज किए, बालिका ने अपने साथ हुई घटना की पुष्टि की। दर्ज एफआईआर में एसआई का कहना है कि इसी दौरान आरोपी रणवीर पीड़ित पक्ष के घर के सामने से गुजरा, इस पर पीड़ित परिवार ने उसे घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में पीड़ित परिवार के चार लोग अमर सिंह, जयवीर सिंह, अतिवीर सिंह और विनोद सिंह का धारा 151 में चालान कर जेल भेज दिया।
26 को मेडिकल, 27 को एफआईआर
पीड़ित पक्ष के वकील प्रशांत पुंढीर का कहना है कि नियमानुसार आरोपी पर पहले एफआईआर दर्ज होती है, इसके बाद गिरफ्तारी होती है तब जाकर उसका मेडिकल कराया जाता है। इस मामले में पुलिस ने 26 जनवरी को सुबह 9.45 बजे पहले आरोपी का मेडिकल कराया और फिर 27 जनवरी को सुबह 8.30 बजे रिपोर्ट दर्ज कर रणवीर को पॉक्सो एक्ट में जेल भेज दिया।
पुलिस ने पीड़ित को न्याय दिलाने के बजाये आरोपी को फायदा पहुंचाया है। आरोपी का पहले मेडिकल कराया, फिर रिपोर्ट दर्ज कर पीड़ित पक्ष को जेल भेज दिया, जबकि बालिका का मेडिकल तक नहीं कराया गया। इस मामले में अदालत में विशेष प्रार्थनापत्र के साथ ही डीआईजी और डीजीपी से शिकायत करेंगे। प्रशांत पुंढीर, अधिवक्ता वादी
क्रॉस केस और आरोपी को अवैध रूप से हिरासत में रखे जाने सहित अन्य तथ्यों को देखते हुए अदालत ने रणवीर की जमानत मंजूर की है, इसके अलावा कुछ नहीं कहना है। संतोष कुमार, स्पेशल काउंसिल पॉक्सो एक्ट, एडीजीसी