जिले में शनिवार शाम सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत के बाद बवाल हो गया। सीमा विवाद के चलते रिपोर्ट दर्ज न होने पर गुस्साए लोगों ने हंगामा किया। पुलिस से भिड़ंत हो गई और आक्रोशितों ने थाने पर पथराव कर दिया, इसमें चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस मामले में एसएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।
गांव कासिमपुर निवासी वीरपाल अपनी पत्नी विमला और पुत्र ज्ञान सिंह के साथ शनिवार शाम के समय बाइक पर जा रहे थे। नगला मोड़ और धौलेश्वर के बीच एक ईको कार ने टक्कर मार दी, जिसमें वीरपाल की मौत हो गई और उनकी पत्नी गंभीर घायल हो गई। परिजन वीरपाल के शव को लेकर थाना निधौली कलां पहुंचे, लेकिन पुलिस ने घटनास्थल पिलुआ थाना क्षेत्र का बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसे लेकर मृतक पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए और पुलिस से विवाद शुरू हो गया।
थाने पर हुआ पथराव
आरोप है कि पुलिस ने लोगों के साथ अभद्रता कर दी, जिस पर मृतक पक्ष भड़क गया और थाने पर पथराव शुरू कर दिया गया। जिन्हें हटाने के लिए पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग की गई। कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया गया। उधर आक्रोशित लोगों ने नगर पंचायत गेट पर शव को रखकर जाम लगा दिया। घटना को लेकर आला अधिकारियों सहित कई थानों का पुलिसबल बुला लिया गया। एसएसपी उदय शंकर सिंह ने बताया कि दुर्घटना पिलुआ थाना क्षेत्र में हुई थी, लेकिन मृतक पक्ष की ओर से निधौली थाने में दबाव बनाया जा रहा था। कुछ लोगों ने थाना परिसर में पथराव किया। बाद में जाम लगा दिया।
एंबुलेंस से किए पति के अंतिम दर्शन
वहीं सड़क हादसे में अपने पति रामवीर को खो चुकी विमला देवी खुद भी गंभीर रूप से घायल है। शरीर पर कई जगह गंभीर जख्म हैं। आगरा में इलाज चल रहा है। रविवार को जब रामवीर का अंतिम संस्कार कराया गया, उससे पहले विमला देवी को अंतिम दर्शनों के लिए एंबुलेंस से बुला लिया गया। पति को अर्थी पर देख विमला की आंखों से झर-झर आंसू बहने लगे। बाद में उन्हें फिर इलाज के लिए आगरा पहुंचा दिया गया।
पिलुआ पुलिस ने कराया शव का पोस्टमार्टम
निधौलीकलां में बवाल के बाद अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीण शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हो गए, जिसके बाद पिलुआ थाना पुलिस द्वारा पंचनामा कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम कराया गया।
पुलिस कर्मियों का हुआ मेडिकल
निधौलीकलां बवाल में देर रात थाने के एसएचओ हेमंत रावत, पुष्पेंद्र, रीतू, प्रिंस, हरवीर, मोहित, अभिषेक, सौरभ का सीएचसी पर मेडिकल किया गया। उधर पुलिस की पिटाई में सावन सिंह, मोहरश्री, रामलाल, मुन्नालाल आदि लोगों के घायल होने का आरोप है।
कार्रवाई करने से हिचक रही पुलिस
इतने बड़े बवाल के बावजूद पुलिस कार्रवाई करने से हिचक रही है। जिसके पीछे वजह कहीं न कहीं पुलिस की गलत भूमिका भी मानी जा रही है। ऐसे में मृतक पक्ष की ओर से पथराव और हंगामा करने वाले किसी भी व्यक्ति पर अगले दिन रविवार को भी पुलिस ने किसी तरह की रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
एसएसपी ने दिए जांच के आदेश
एसएसपी उदय शंकर सिंह ने बताया कि मृतक पक्ष की ओर से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या वजह रही जो मामला इतना तूल पकड़ गया। पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।