फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में नहीं जरूरी दवाएं, कैसे मिले मरीजों को उचित उपचार

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। जिला अस्पताल में मरीजों के उपचार में दवाओं की कमी आड़े आ रही है। कई दवाएं खत्म होने से डॉक्टर इन्हें बाजार से मंगवा रहे हैं। खांसी के मरीज अस्पताल में बढ़े हैं, लेकिन इसका सीरप नहीं है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए बीटाडीन लोशन और सर्जिकल सुई तक नहीं है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में जिलेभर से लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं। मौजूदा समय में यहां प्रमुख दवाएं स्टॉक में नहीं हैं। घायलों के जख्मों पर लगाने के लिए बीटाडीन लोशन और टांके लगाने में इस्तेमाल होने वाली सर्जिकल सुई अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। इनकी व्यवस्था तीमारदारों को बाजार से करनी पड़ रही है। शरीर में होने वाले दर्द निवारक ट्यूब भी खत्म हो गए हैं।
जिला अस्पताल में भतीजी को दुर्घटना में घायल होने पर लेकर पहुंचे नगला दुगई निवासी रामवीर ने बताया कि यहां दर्द निवारक दवा तक नहीं है। डॉक्टर ने बाहर से दवा लाने को कहा है। जिला अस्पताल आईं आगरा रोड निवासी मीरा देवी ने बताया कि डॉक्टर ने बच्ची को इमरजेंसी ले जाकर भाप लगवाने को कहा। जब वहां पहुंची तो भाप लगाने के लिए दवा तक नहीं थी, उसे बाहर से मंगाया गया।
विज्ञापन

----
हैंड सेनिटाइजर भी उपलब्ध नहीं
जिला अस्पताल में हैंड सेनिटाइजर खत्म हो गया है। चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों तक के लिए यह उपलब्ध नहीं है। जिम्मेदारों का कहना है कि अब सेनिटाइजर की जरूरत नहीं है, ग्लब्स उपलब्ध हैं।
----
अस्पताल में प्रमुख रूप से ये दवाएं नहीं हैं उपलब्ध
-एंटी फंगल टेबलेट
-भाप की दवा
-खांसी का सिरप
-सर्जिकल सुई और धागा
-डेक्सामेथासोन इंजेक्शन
-डिक्लो जेल (दर्द और सूजन कम करने के लिए)
-----
स्थानीय स्तर पर दवा खरीदने की अनुमति नहीं है। जैम पोर्टल और कार्पोरेशन से ही दवा खरीदी जा रही हैं। अधिकतर दवा उपलब्ध हैं। जो दवाएं नहीं हैं उनके विकल्प के रूप में इंजेक्शन आदि का प्रयोग किया जा रहा है। यदि कहीं किसी दवा की विशेष जरूरत है तो उसकी व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन

अरविंद कुमार गर्ग, सीएमएस
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें