सपा सरकार में पांच साल वीवीआईपी क्षेत्र में रहने का सुख भोग चुके इटावा और मैनपुरी के लोगों को अब गर्मी में भरपूर बिजली नहीं मिल पा रही। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही बिजली आपूर्ति के लिए प्राथमिकता वाले जिले बदल गए हैं। सपा के गढ़ रहे इटावा और मैनपुरी में बिजली कटौती बढ़ाकर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्वाचन जिले मथुरा में आपूर्ति का ग्राफ बढ़ा दिया है।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लि. (डीवीवीएनएल) के रिकार्ड के अनुसार, योगी राज आने से पहले इटावा में 23 घंटे से ज्यादा और इसके कस्बों और गांवों में 20 से 22 घंटे बिजली आपूर्ति होती थी। क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव का गृह जनपद है। हालांकि प्रदेश की सरकार आने के बाद से इटावा शहर में लगभग उतनी ही बिजली दी जा रही है लेकिन कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती बढ़ा दी है। यानी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के मूल निवास सैफई में भी कटौती बढ़ी है। मैनपुरी में भी लगभग ऐसी ही स्थिति है। वहीं, श्रीकांत शर्मा के उर्जा मंत्री बनने के बाद उनके निर्वाचन जिले के लोगों को काफी राहत मिली है। खासतौर से ग्रामीण और कस्बे के लोगों को। इन क्षेत्रों में पूर्व की अपेक्षा लगभग डेढ़ घंटे की आपूर्ति बढ़ाई गई है।
इटावा में बिजली आपूर्ति
सरकार बनने से पूर्व
तारीख ग्रामीण तहसील
01 मार्च 20:41 22:01
02 मार्च 20:33 22:10
03 मार्च 20:43 22:43
04 मार्च 20:42 21:46
मंत्रिमंडल घोषित होने के बाद
तारीख ग्रामीण तहसील
23 मार्च 15:22 19:32
24 मार्च 17:25 19:08
25 मार्च 17:24 20:38
26 मार्च 17:40 19:41
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मैनपुरी में बिजली आपूर्ति
सरकार बनने से पहले
तारीख ग्रामीण तहसील
01 मार्च 20:19 21:28
02 मार्च 20:18 21:25
03 मार्च 21:45 20:50
04 मार्च 19:30 20:22
मंत्रिमंडल घोषित होने के बाद
23 मार्च 14:25 14:38
24 मार्च 17:50 18:15
25 मार्च 20:42 20:50
26 मार्च 20:40 18:20
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मथुरा में बिजली आपूर्ति
सरकार बनने से पूर्व
तारीख ग्रामीण तहसील
01 मार्च 18:05 19:21
02 मार्च 18:00 20:10
मंत्रिमंडल घोषित होने के बाद
तारीख ग्रामीण तहसील
23 मार्च 19:25 21:17
24 मार्च 19:35 21:17
नोट: आंकड़े घंटों में, स्रोत डीवीवीएनएल।
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आगरा: 26 दिनों में एक भी दिन
24 घंटे नहीं मिल पाई बिजली
आगरा को भले ही 24 घंटे बिजली के आदेश हों, लेकिन सुप्रीम के इस आदेश पर पूरी तरह से अमल नहीं हो पा रहा है। डीवीवीएनएल रिकार्ड के अनुसार, मार्च के 26 दिनों में एक भी दिन शहर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं हुई। रिकार्ड में भी हर रोज कुछ मिनट की कटौती जरूर दर्ज है लेकिन हकीकत में इससे ज्यादा कटौती हो रही है।