कासगंज। शासन ने उद्योगों के लिए बड़ी राहत दी है। औद्योगिक इकाई के संचालकों को अब लॉक डाउन की अवधि में औसत के आधार पर बिजली का बिल नहीं देना होगा। जितनी खपत होगी उतने ही बिल का भुगतान करना होगा। इसी तरह मार्च व अप्रैल में फिक्सड चार्ज या डिमंाड चार्ज को भी स्थगित कर दिया गया है।
कोरोना वायरस के चलते हुए लॉक डाउन का असर औद्योगिक इकाईयों पर भी पड़ा है। आवश्यक सामान उत्पादन करने वाले उद्योगों के अलावा अन्य सभी उद्योग पूरी तरह से बंद हैं। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन ने अप्रैल माह का बिल पिछले तीन माह के औसत के आधार पर लेने का निर्णय लिया था।
इसका सर्कूलर भी जारी कर दिया था, लेकिन आपत्तियों को देखते हुए प्रदेश सरकार ने पॉवर कॉर्पोरेशन के फैसले को रदद कर दिया है। लॉक डाउन की अवधि में उद्योगों की बिजली की खपत के आधार पर ही बिजली का बिल वसूला जाएगा।
लॉक डाउन की वजह से सरकार ने उद्योग जगत को हो रहे नुकसान को देखते हुए उनको राहत दी है। उनसे बिल औसत आधार पर न वसूल कर रीडिंग के आधार पर ही लिया जाएगा। इसके साथ ही फिक्स चार्ज में भी कुछ राहत प्रदान की गई है। -संदीप अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, बिजली विभाग।