शनिवार को सुबह करीब 8 बजे पढ़ाई नहीं करने पायल ने विष्णु की डांट लगा दी। इस पर दोनों में झगड़ा हुआ। नाराज होकर विष्णु ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इस दौरान उनकी मां घर से बाहर गई थी। एक घंटे तक बाहर नहीं आने पर पायल ने कमरे का दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई आवाज नहीं आई। खिड़की से झांककर देखा तो विष्णु पंखे से लटका था।
भाई को फंदे पर लटका देख पायल और मन्नत की चीखें निकल गईं। चीखपुकार सुनकर पड़ोस के लोग मौके पर आ गए। दरवाजा तोड़कर विष्णु को फंदे से नीचे उतारकर इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर मां भी घर पहुंच गई। बेटे का शव देख दहाड़ें मारकर रोने लगी। भाई की मौत के बाद बहन पायल और मन्नत के आंसू भी नहीं थम रहे थे।
पिता ने लगाया हत्या का आरोप
बेटे की मौत की जानकारी के बाद विष्णु के पिता भी मौके पर पहुंच गए। इकलौते बेटे का शव देख रोने लगे। परिवार के लोगों ने उन्हें समझाया। उन्होंने पत्नी को बेटे की मौत का जिम्मेदर ठहराया। उनका कहना था कि अगर बेटा उनके पास होता तो आज वह जिंदा होता। इसके बाद देर शाम पोस्टमार्टम होने के बाद बेटे के शव को लेकर अंतिम संस्कार के लिए अपने गांव चले गए। ताजगंज थाना प्रभारी निरीक्षक जसवीर सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस पहुंची थी। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।