उफान पर यमुना: बाढ़ के साथ सेहत का खतरा
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उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना का जलस्तर घटने से बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इससे निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 18 टीमें बनाई हैं। ये बाढ़ग्रस्त 40 गांवों और शहर के क्षेत्र में दस्तक अभियान के तहत सर्वे करेंगी।
डिप्टी सीएमओ डॉ. नंदन सिंह ने बताया कि यमुना का पानी कम होने के बाद भी जलभराव की स्थिति रहेगी। ऐसे में डेंगू, मलेरिया और दूषित पानी पीने से पीलिया का भी खतरा है। त्वचा रोग में खुजली, एलर्जी और फंगल इन्फेक्शन की परेशानी होगी।
Agra News: कैलाश मंदिर में भरा पानी
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 18 रैपिड रिस्पांस टीम बनाई हैं। ये 40 गांवों में घर-घर जाकर बुखार, खांसी, जुकाम, पीलिया की जानकारी करेंगे। मलेरिया और डेंगू की आशंका पर नमूने लेकर जांच कराई जाएगी। त्वचा रोग, टीबी और अन्य बीमारियों की भी जानकारी करेंगे। दवा देने के साथ लोगों को बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।
ज्ञात हो कि यमुना में आई बाढ़ से मंगलवार को 40 गांव के रास्ते डूब गए। शहर में दयालबाग से लेकर बल्केश्वर तक 12 कॉलोनियों में पानी भरा है। हजारों बीघा फसल डूब गई है। अब तक जनहानि की कोई सूचना नहीं। पिछले 13 घंटे में जलस्तर एक फीट बढ़कर 499.2 फीट हो गया। खतरा बरकरार है। बचाव व राहत कार्य के लिए एनडीआरएफ व एसडीआरएफ तैनात की गई हैं।
Agra News: गांव में भरा बाढ़ का पानी
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शहर में बल्केश्वर स्थित लोहिया नगर, चांदनी नगर में पानी भर गया। रास्ते डूब गए। तहसीलदार रजनीश वाजपेयी ने बताया कि चांदनी नगर से चार परिवारों को सुरिक्षत स्थान पर भेजा किया है। दयालबाग में तनिष्क राजश्री अपार्टमेंट तक पानी भरने से लोग फंस गए। सिकंदरपुर, नगला तल्फी, मनोहपुर, पोइया घाट, बाबरपुर, मदनपुर में हजारों बीघा फसल डूब गई है।