प्रदेशभर में 15 डॉक्टरों के नाम से 449 पैथोलॉजी लैब और अस्पताल पंजीकृत होने का खुलासा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग छापा मारकर अवैध तरीके से चलने वाले संस्थानों को सील कर रहा है। इनमें अभी तक सील हुई 8 पैथोलॉजी लैब डॉ. शबीना अशरफ और डॉ. मनीष कुमार वार्ष्णेय के नाम से पंजीकृत मिली हैं।
अपंजीकृत अस्पताल सेल के प्रभारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि डॉ. शबीना और डॉ. मनीष के नाम से पंजीकृत पैथोलॉजी लैब में से एक में भी ये मौजूद नहीं मिले। इनमें डॉ. मनीष के नाम से पांच और डॉ. शबीना के नाम से तीन लैब हैं। विभाग की जांच में ये दोनों अलीगढ़ के होने की जानकारी मिली है। इन्होंने अपनी डिग्री से लैब खोल दी और संचालक ही इसे चला रहा था। इन डॉक्टरों की उपस्थिति वाला एक भी सीसीटीवी फुटेज विभाग को नहीं दिध्या गया। सूर्य नगर स्थित अपंजीकृत एमपैथ पैथोलॉजी लैब भी सील की है।
ये हुईं सील:
डॉ. मनीष कुमार वार्ष्णेय : ओम शांति पैथोलॉजी लैब, समय पैथोलॉजी लैब, सना पैथोलॉजी लैब, आगरा केयर पैथोलॉजी लैब, फर्स्ट च्वाइस पैथोलॉजी लैब।
डॉ. शबीना अशरफ : न्यू एक्सीलेंट पैथोलॉजी लैब, आरएस पैथोलॉजी लैब, हेल्थ केयर पैथोलॉजी लैब।
डॉ. रविंद्र कुमार : डायग्नोस्टिक पैथोलॉजी लैब।
डॉ. अनिल कुमार : जीएल पैथोलॉजी लैब।
छापे के डर से सूर्यांश लैब की खाली, बोर्ड हटवाया
यमुनापार मंडी समिति के पास सूर्यांश लैब में टीम पहुंची। यहां जांच मशीन समेत अन्य उपकरण नहीं मिले। टीम के पूछने पर संचालक ने बताया कि छापे पड़ने के कारण उसने लैब बंद कर दी है। संचालक ने बताया कि वह यहां सैंपल कलेक्शन करता था। इस पर टीम ने संचालक से लैब का बोर्ड हटवाते हुए नष्ट करवाया।