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कोरोना के कारण नहीं होगा ईद मिलन समारोह, लोग बोले- गले मिलें या न मिलें...दिल मिले रहेंगे

Mon, 25 May 2020 12:15 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा

सार

  •  ईद मिलन समारोह में सभी धर्म के लोग गले मिलकर देते थे बधाई 
  • 100 साल से चली आ रही भाईचारे की परंपरा
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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योगीराज भगवान श्रीकृष्ण की नगरी मथुरा में हिंदू और मुसलमान मिलकर सभी त्योहार मनाते हैं। होली पर मुसलमान हिंदुओं को रंग लगाकर बधाई देते हैं, तो ईद पर हिंदू समाज के लोग मुस्लिम भाइयों को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं। लेकिन इस बार कोरोना के कारण 100 साल से चली आ रही भाईचारे की परंपरा पर ग्रहण लग गया। 
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हर साल ईद के मौके पर शहर के दरेसी स्थित पुरानी हवेली पर होने वाला सामूहिक ईद मिलन समारोह का आयोजन इस बार नहीं होगा। कोरोना संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत यह फैसला लिया गया है। मुस्लिम और हिंदू समाज के लोगों ने कहा कि भले ही इस बार हम गले न मिलें, लेकिन दिल हमेशा मिले रहेंगे।


ईद की नमाज के बाद यहां एकत्रित होने वाले मुस्लिम भाइयों को हिंदू, सिख और ईसाई धर्म के लोग गले लगाकर बधाई देने आते हैं। जनपद के सांसद और विधायकों साथ मेयर, चेयरमैन, प्रशासनिक अधिकारी भी यहां आकर मुस्लिम भाइयों को बधाई देकर सिंवईयां खाकर मुंह मीठा करते हैं। 
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ईद मिलन समारोह को स्थगित

लॉकडाउन के कारण इस साल ईद मिलन समारोह को स्थगित कर दिया गया है। ऑल इंडिया जमीअतुल कुरैश के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य
मोहम्मद शाहिद ने बताया कि हमारे बुजुर्गों ने सौ वर्ष पहले भाईचारे की परंपरा की शुरुआत की थी, इसी परंपरा का हम सभी निर्वहन करते हुए आ रहे हैं। 

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए परंपरागत ईद मिलन समारोह को इस वर्ष स्थगित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बार भले हम गले न मिलें, लेकिन दिल हमेशा मिले रहेंगे। इंशाअल्लाह जिंदगी बखैर रही तो अगले वर्ष खुशियों के साथ परंपरागत ईद मिलन समारोह का आयोजन किया जाएगा। 

हनीफ भाई, फैज मोहम्मद कुरैशी, कैसर अली एडवोकेट, फैजादुद्दीन आदि ने अवाम से गुजारिश करते हुए कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए ईद पर कोई नई खरीदारी ना करें बल्कि इन पैसों से गरीब और मजलूमों की मदद करें। 
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