अमर उजाला की पुस्तक ‘हमारे शिक्षाविद ...एक नजर’ का विमोचन
अमर उजाला परिवार ने शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वाले दस शिक्षाविदों को सम्मानित किया। फतेहाबाद रोड स्थित होटल रेडिसन ब्लू में सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में शिक्षाविदों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कि ए गए।
मुख्य अतिथि डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल ने शिक्षा को सतत चलने वाली प्रक्रिया बताया। कहा कि सिर्फ स्कूल-कालेज ही नहीं, समाज भी शिक्षण संस्थान की भूमिका निभाता है। ‘यू हीं नहीं मिलती राही को मंजिल, एक जुनून सा दिल में जगाना होता है’ पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि किताबी पढ़ाई पर्याप्त नहीं, बल्कि ताउम्र जानने-सीखने वाले ही सफलता के सोपान पर पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि इसका साक्षात उदाहरण महान विज्ञानी न्यूटन को माना जा सकता है। वह खुद को सीखने के मामले में ‘आई एम लाइक ए चाइल्ड’ बताते थे। शिक्षा के गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए बोले, अब रोल माडलों की कमी आ गई है। इसकी असल वजह शिक्षा के मूल मकसद से भटकाव है। विशिष्ट अतिथि जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के नीरज अग्रवाल ने उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा पर जोर दिया। कहा कि समय की जरूरत है कि तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए। यह कार्य सरकारी संस्थानों के मुकाबले निजी कालेजों में बेहतर हो रहा है। इनमें स्तरीय शिक्षा देकर छात्रों का भविष्य बनाया जा रहा है। इससे पहले मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि ने अमर उजाला की पुस्तक ‘हमारे शिक्षाविद ...एक नजर’ का विमोचन किया। अमर उजाला परिवार ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर उनका आभार जताया। संचालन अमित सूरी ने किया।
ये शिक्षाविद हुए सम्मानित
पुस्तक विमोचन के दौरान बोस्टन पब्लिक स्कूल के अनुष्का मलिक, बलूनी पब्लिक स्कूल के डा. ललितेश यादव, सचदेवा मिलेनियम स्कूल के राजेंद्र सचदेवा, प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल के शलभ गुप्ता, मिल्टन पब्लिक स्कूल के डा. राहुल राज, उत्तम ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट के सुबोध कुमार, डा. एमपीएस ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के एके सिंह, नीलम कालेज आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के राजीव कुलश्रेष्ठ, केपीजीआई कालेज के मुकेश अग्रवाल, सेंटर फार एंबिशन से विशुराजा चौहान को सम्मानित किया गया। इन्हें मुख्य अतिथि ने प्रशस्त्रि पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किया।