अब विश्वविद्यालय ने 2824 अभ्यर्थियों के अंकपत्रों को फर्जी मान लिया है। बाकी 813 पर 21 दिन के अंदर निर्णय लिया जाना है। इससे बेसिक शिक्षा विभाग का काम आसान हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जिन अभ्यर्थियों पर निर्णय लिया जा चुका है, उनका सत्यापन कर दिया जाएगा।
सूची प्रमाणित होने के बाद कार्रवाई
बीएसए राजीव कुमार यादव ने बताया कि एसआईटी की सूची के आधार पर जिले में चिह्नित शिक्षकों की सूची रजिस्टर्ड डाक से विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रमाणित करने के लिए भेजी गई है। अगले हफ्ते प्रकरण में विश्वविद्यालय के अधिकारियों से मुलाकात भी की जाएगी। सूची प्रमाणित होने के बाद कार्रवाई में आसानी हो जाएगी।
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