आगरा के कमला नगर परीक्षण खंड में तैनात टेक्निकल ग्रेड-2 कर्मचारी पवन कुमार पर 1.18 करोड़ रुपये गबन का आरोप है। विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि उसने इस रकम से सिकंदरा योजना स्थित आवास विकास कॉलोनी में मकान खरीदा।
दक्षिणांचल आगरा के कमला नगर परीक्षण खंड में तैनात रहने के दौरान किए घपले की रकम से टेक्निकल ग्रेड (टीजी-2) पवन कुमार ने सिकंदरा योजना स्थित आवास विकास काॅलोनी में एक मकान खरीदा था। विभागीय जांच में यह बात सामने आई है।
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इस जानकारी के आधार पर कमला नगर विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता एक्सईएन डी यादवेंदु ने उप निबंधक को पत्र लिखकर मकान की दोबारा किसी को रजिस्ट्री न करने की मांग की है। बताया गया है कि आरोपी मकान मालिक पवन कुमार पर सड़क के 1.18 करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है। ऐसे में इस संपत्ति को बिना विभाग को अवगत कराए न बिकने दिया जाए।
सूत्रों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों को इस बात के संकेत मिले हैं कि आरोपी ने गबन के पैसों का उपयोग कर आवास विकास काॅलोनी की सिकंदरा योजना के पं. दीनदयाल उपाध्याय पुरम में एक ईडब्ल्यूएस मकान खरीदा। ऐसे में इस संपत्ति को न बिकने दिया जाए ताकि सरकारी राशि की वसूली कराई जा सके। एक्सईएन यादवेंदु ने बताया कि उप निबंधक को पत्र लिखकर बिना विभाग को सूचना दिए मकान की रजिस्ट्री न होने देने के लिए कहा गया है। साथ ही जांच में आरोपी के सात बैंक खातों के बारे में भी जानकारी मिली है।
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चूंकि पवन मामला सामने आने के बाद से गायब है। उसने न तो निलंबन पत्र रिसीव किया है, न ही विभाग को गैर हाजिर रहने के बारे में कोई जानकारी दी है। ऐसे में उन बैंक खातों को भी डेबिट फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंकों से पत्राचार किया जा रहा है ताकि वह रकम निकालकर उसका दुरुपयोग न कर सके। उधर, घपले के अन्य आरोपियों पिंकी देवी और छिंगा से भी रिकवरी के लिए कार्रवाई की जा रही है।