फिरोजाबाद। छह माह पूर्व जारी स्थानीय बोतल इंडस्ट्रीज से कांच की बोतल क्रय करने संबंधी शासनादेश का प्रदेश की शराब निर्माता कंपनियां अनुपालन नहीं कर रहीं। शराब निर्माता कंपनियों में सप्लाई नहीं होने के कारण स्थानीय कांच बोतल इंडस्ट्रीज में बंपर स्टॉक जमा हो गया है। इंडस्ट्री संचालकों ने प्रदेश सरकार से स्थानीय कांच बोतल कारोबार को बचाने के लिए शासनादेश का अनुपालन कराने की गुहार लगाई है।
वर्ष 2020 में कोरोना संकट के कारण करीब एक वर्ष तक बंदी की मार झेलने वाली कांच बोतल इंडस्ट्रीज को पटरी पर लाने के लिए प्रदेश सरकार ने जरूरी प्रयास किए। यूपी कैबिनेट द्वारा मार्च और अप्रैल 2021 में शासनादेेश जारी किया गया। इसके अनुसार प्रदेश में 20 ग्रीन लिकर अर्थात हर्बल प्रणाली से शराब बनाने वाली इकाईयों को कुल पैकिंग के सापेक्ष 25 प्रतिशत कांच बोतल फिरोजाबाद की इंडस्ट्रीज से क्रय करने को निर्देशित किया गया लेकिन करीब छह माह पूर्व जारी शासनादेश का अनुपालन अब तक नहीं किया गया है।
स्थानीय कांच बोतल इंडस्ट्री संचालकों की मानें तो अभी तक किसी भी शराब निर्माता कंपनी ने कांच बोतल का आर्डर नहीं दिया है। ऐसे में कांच बोतल निर्माता इकाइयों में बंपर स्टॉक जमा हो गया है। सूत्रों की मानें तो खुले बाजार में मंदी का आलम है। ऐसे में यदि ग्रीन लिकर इंडस्ट्री से ऑर्डर नहीं मिलेंगे तो उत्पादन घटाने अथवा कारखाने बंद करने जैसे अप्रिय निर्णय लेने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
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- फिरोजाबाद-मक्खनपुर में संचालित कुल कांच बोतल इंडस्ट्रीज-20
- इकाईयों में प्रतिदिन तैयार होने विभिन्न श्रेणी की कांच बोतल-दो लाख
- कांच बोतल इंडस्ट्रीज में काम करने वाले श्रमिकों की संख्या-50हजार
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कई बार लगा चुके हैं शासन से गुहार
विधायक सदर और अन्य प्रभावशाली लोगों के साथ प्रदेश सरकार के आबकारी सचिव व जन प्रतिनिधियों से शासनादेश का पालन कराने की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रीन लिकर इंडस्ट्रीज कांच बोतल का आर्डर नहीं दे रही हैं। खुले बाजार में मंदी है। कारखानों में स्टॉक जमा करने की एक सीमा है।
राजकुमार मित्तल अध्यक्ष यूपीजीएमएस
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कांच कारोबार को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। पता किया जाएगा कि शासनादेश के बाद भी प्रदेश की शराब निर्माता कंपनियों स्थानीय इंडस्ट्रीज से कांच बोतल की खरीद क्यों नहीं कर रही हैं? कारोबारियों से वार्ता कर केंद्र स्तर पर मुद्दा उठाया जाएगा।
चंद्रसेन जादौन, सांसद फिरोजाबाद