पुलिस और मजिस्ट्रेट बुलाकर जेल भिजवाने को धमकाते हुए 35 लाख रुपये के इंतजाम करने को कहा। मेरे घर में बने कमरे को सील कर दवाएं ले गए। आरोप है कि पिस्टल के बल पर फतेहाबाद रोड स्थित पंचवटी अपार्टमेंट ले गए और खाली पेपरों पर मेरी फर्म की मुहर लगाकर हस्ताक्षर करवाकर लिए।
उधर, इस संबंध में ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने बताया कि रिकॉर्डिंग में मेरी आवाज नहीं है। दवा विक्रेता नकली दवाओं का कारोबार करता है, वह झूठ बोल रहा है।
वहीं ड्रग इंस्पेक्टर बृजेश यादव का कहना है कि ये नकली दवाओं का कारोबारी है। 31 जनवरी से इसके यहां कार्रवाई चल रही है। इसे रोकने के लिए झूठ बोल रहा है।
सहायक आयुक्त औषधि शिवशरण सिंह ने बताया कि नकली दवाएं बनाता है, इसे पकड़ने के लिए ड्रग इंस्पेक्टरों ने चारा डाला था। वैसे मैं दो दिन से यहां नहीं था।
ड्रग विभाग ने श्री बांकेबिहारी धाम सिकंदरा स्थित एसडीजी फार्मास्युटिकल्स पर छापा मारकर दो लाख की दवाएं जब्त की। टीम ने यहां कैच कवर और पैकिंग मशीन भी सीज कर दी है।
ड्रग विभाग की टीम ने एसडीजी फार्मास्युटिकल्स पर छापा मारा। इस फर्म का निदेशक हरीबाबू है। इसके घर के कमरे में पैकिंग मशीन मिली। यहां पर पर अन्य दवाओं के लेबल भी मिले, जिस पर निर्माता का नाम पोलो फार्मा हिमाचल प्रदेश लिखा हुआ है। दो लाख रुपये की दवाएं भी थी।
दवाओं को जब्त करते हुए आफिस और मशीन को सील कर दिया है। सहायक आयुक्त औषषि शिवशरण सिंह ने बताया कि यह अन्य कंपनी की नकली दवाएं बनाकर बेचने का कारोबार करता है। ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने दवाएं सीज कर आफिस को सील लगा दिया है। इसके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।