आगरा में व्यापारी परिवार के लापता होने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पूछताछ में बताया कि वह लोग जानबूझकर गुजरात चले गए थे। कारण सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई।
उत्तर प्रदेश के आगरा में ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र स्थित श्रीनगर कॉलोनी निवासी दवा व्यापारी राजेश शर्मा परिवार के साथ खुद भी चले गए थे। उन पर बाजार की दो करोड़ रुपये की देनदारी थी। वह गुजरात के भावनगर में रह रहे थे। उन्होंने यहां किराये पर फ्लैट लिया था। नए सिम भी खरीद लिए थे। पुलिस को एक परिचित के पास कॉल करने पर सुराग मिले। इसके बाद पुलिस परिवार तक पहुंच गई और मंगलवार को आगरा ले आई।
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दवा व्यापारी राजेश शर्मा पत्नी सीमा, बेटे अभिषेक, बहू ऊषा, बेटी काव्या और एक साल के नाती विनायक के साथ 15 अप्रैल को नैनीताल घूमने निकले थे। 23 अप्रैल को वापस आने के बाद घर में नहीं रुके। निजी वाहन से जयपुर चले गए थे। होटल में रुकने के बाद लापता हो गए थे। उनके भाई रमाकांत शर्मा ने गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस कारोबारी की तलाश में लगी हुई थी।
थानाध्यक्ष सुमनेश विकल ने बताया कि कारोबारी के मोबाइल नंबर बंद जा रहे थे। इससे कोई जानकारी नहीं मिल पा रही थी। पिछले दिनों व्यापारी ने परिचित को काॅल किया। पुलिस ने लोकेशन निकाली तो यह भावनगर की आई। छानबीन कर पुलिस व्यापारी तक पहुंच गई। आगरा आने के बाद राजेश ने बताया कि वह परेशान थे।
बताया कि उन पर दो करोड़ रुपये की देनदारी हो गई थी। बाजार के लोग चक्कर काट रहे थे। वह रुपयों का इंतजाम कर रहे थे। इसलिए चले गए थे। उधर, व्यापारी के मिलने पर कुछ लोगों ने पुलिस से संपर्क किया। बताया कि उनका कुछ रुपया बकाया है। अब वो अपना रुपया वापस चाहते हैं।