आगरा में खनन स्थल की अनुमति से पहले और काम पूरा होने के बाद ड्रोन सर्वे व फोटोग्राफी अनिवार्य होगी, ताकि तय सीमा और शर्तों की जांच की जा सके। डीएम मनीष बंसल ने अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं, वहीं नंबर प्लेट से छेड़छाड़ या उसे छिपाने वाले वाहनों को सीज कर एफआईआर दर्ज होगी।
खनन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए अब किसी भी स्थल की अनुमति देने से पहले और काम पूरा होने के बाद अनिवार्य रूप से ड्रोन सर्वे और फोटोग्राफी कराई जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खनन तय सीमा और स्वीकृत शर्तों के अनुरूप हुआ है या नहीं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद एवं तहसील स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने मनीष बंसल ने ये निर्देश दिए।
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अवैध खनन, ओवरलोडिंग और सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए डीएम ने सख्ती दिखाई। उन्होंने बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने या नंबर छिपाकर चलने वाले वाहनों को तत्काल सीज कर प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश दिए। बिना वैध परमिट या पट्टे के बालू, पत्थर और मिट्टी का खनन करने वालों पर भी सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
डीएम ने टास्क फोर्स को 24 घंटे निगरानी और सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। सभी खनन वाहनों का विवरण रजिस्टर में दर्ज कर प्रतिदिन रिपोर्ट देनी होगी। कहा कि प्रवर्तन कार्यों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय स्तर पर निगरानी के लिए हर खनन अनुमति की प्रति संबंधित एसडीएम, एसीपी और थाना प्रभारी को भेजी जाएगी।
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चंबल में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
बैठक में राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन रोकने के लिए चिह्नित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और कंट्रोल रूम स्थापित करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। साथ ही खनन स्थलों पर पर्यावरण मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार, एडीएम (एफआर) संदीप कुमार वर्मा, डीएफओ राजेश कुमार और जिला खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय सहित सभी एसडीएम व एसीपी मौजूद रहे।