सोमवार को पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक सुबह 10 बजे ही आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी आदि के शिक्षक धरनास्थल पर पहुंचने लगे। करीब 500 शिक्षक धरनास्थल पर मौजूद थे। शिक्षकों ने एलान किया कि अगर विवि लिखित परीक्षा नहीं कराता है तो औटा के शिक्षक परीक्षा, दीक्षांत समारोह और युवोत्सव जैसे किसी भी आयोजन में सहयोग नहीं करेंगे।
शिक्षकों ने कुलपति के नाम ज्ञापन कुलसचिव पीके सिंह को सौंपा। इसमें कुलपति के लिखित परीक्षा कराने का आश्वासन न देने पर 10 दिन बाद क्रमिक प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया। प्रदर्शन में औटा अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, महामंत्री डॉ. संजय मिश्र, फुपुक्टा अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान, शिव कुमार सिंह, डॉ. अनुराधा गुप्ता, डॉ. भूपेंद्र चिकारा, डॉ. अनुराग पालीवाल. डॉ. पूनम तिवारी, डॉ. कुलदीप, दिग्विजय सिंह डॉ. संतोष यादव, डॉ. अनुपम सक्सेना समेत बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद थे।
वहीं डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन ने ओएमआर आधारित परीक्षा के समर्थन में धरना दिया। कॉलेज संचालकों का कहना है कि इससे परीक्षा संचालन और परिणाम घोषित करना दोनों आसान हो जाता है। इसी बीच कॉलेज संचालकों प्रदर्शन में औटा के शिक्षक पहुंच जाने से विवाद हुआ।
सेल्फ फाइनेंस कॉलेज एसोसिएशन के ओर से अध्यक्ष चौ. कृपाल सिंह, महामंत्री डॉ. राजीव सिंह, उपाध्यक्ष हरेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, मुकेश शर्मा, श्याम चौधरी और ब्रजेश शर्मा आदि मौजूद थे। उधर, औटा के गुस्साए शिक्षकों की विवि कर्मियों से भी झड़प होने से कुछ देर के लिए माहौल बिगड़ा।