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बीएड 2005 फर्जीवाड़ाः एसआईटी की जांच में खुल रही परतें, एक रोल नंबर पर दर्जनों छात्र हुए पास

Mon, 30 Dec 2019 09:55 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 फर्जीवाड़े में एसआईटी ने 4704 छात्र-छात्राओं के रोल नंबर शामिल किए हैं। इसमें से 45 ऐसे रोल नंबर हैं जिन पर दो या उससे अधिक छात्र-छात्राओं के नाम हैं।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने तीन श्रेणी में छात्रों को रखा है। पहला फर्जी छात्र, दूसरा टेंपर्ड प्रमाणपत्र वाले छात्र और तीसरा एक रोल नंबर पर एक से अधिक छात्र। तीसरी श्रेणी में सबसे कम छात्र हैं। यह सूची महज पांच पेज की है।

प्रत्येक रोलनंबर पर फोइल में किसी छात्र का नाम है तो चार्ट पर किसी और छात्र का। उदाहरण के तौर पर, रोलनंबर 5280114 पर फोइल में सुरेंद्र सिंह और चार्ट में अनिल कुमार शर्मा का नाम है। इनके प्राप्तांक और कॉलेज का नाम सब एक हैं। दोनों को एपीएस कॉलेज, बाजना में दिखाया गया है।
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इसी तरह 5232039 पर फोइल में देवेंद्र और चार्ट में कुलदीप कुमार का नाम है। बस पिता का नाम एक है। बाकी श्रेणी, प्राप्तांक व कॉलेज का नाम (आगरा पब्लिक टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज) सब एक है। 5172086 रोलनंबर पर फोइल में जुगेश कुमार यादव व चार्ट में आलोक यादव का नाम है।

साक्ष्य के आधार पर होगा निर्णय
एक रोलनंबर पर एक से अधिक जितने भी छात्र हैं, चाहे उनका नाम फोइल में है या चार्ट में, उन्हें विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से निर्धारित फार्मेट पर सूचना देनी होगी। कौन सही है और कौन फर्जी यह निर्णय साक्ष्य देखने के बाद लिया जाएगा। -कैलाश नाथ सिंह, कुलसचिव, विश्वविद्यालय
 
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विश्वविद्यालय स्टाफ की मिली भगत से हुआ खेल
इस मामले में विश्वविद्यालय के स्टाफ की मिलीभगत सामने आ रही है। एक रोल नंबर से दो-दो छात्रों को अंकतालिकाएं और डिग्री जारी कर दी। खास बात यह है कि इन्हें सत्यापित भी कर दिया गया। ये अंकतालिकाएं लगाकर छात्र नौकरी भी कर रहे हैं।

गड़बड़झाला में शामिल स्टाफ पर अभी कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अभी अंतकालिकाओं पर निर्णय लिया जाना है, इसके बाद फर्जीवाड़े में शामिल स्टाफ की भी जांच होगी।
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