बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रमों के प्रति छात्र-छात्राओं में रुझान को देखते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने बड़ा फैसला लिया है। बीबीए में 60 और बीसीए में 120 सीटें बढ़ाई गई हैं। कार्य परिषद में मंजूरी भी दे दी गई है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में संचालित बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (बीबीए) और बैचलर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए) पाठ्यक्रमों की सीटें बढ़ा दी गई हैं। बीबीए में 60 और बीसीए में 120 सीटें बढ़ाई गई हैं। कार्य परिषद में मंजूरी भी दे दी गई है। रोजगारपरक पाठ्यक्रम होने से छात्र-छात्राओं का रुझान इन दोनों पाठ्यक्रमों में अधिक रहता है। प्रतिवर्ष सीटें भर जाती हैं।
विज्ञापन
बीबीए सेठ पद्मचंद जैन प्रबंध संस्थान में संचालित है। पहले पाठ्यक्रम में 60 सीटें थीं। एक सेक्शन और बढ़ा दिया गया है। सत्र 2022-23 में 120 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। इस बार पाठ्यक्रम की फीस भी बढ़ा दी गई है। छात्र-छात्राओं को 10 हजार रुपये अतिरिक्त फीस देनी होगी। संस्थान के निदेशक प्रो. ब्रजेश रावत ने बताया कि फीस का निर्धारण शासन स्तर से किया गया है। अभी तक फीस 30 हजार रुपये प्रति वर्ष थी, अब बढ़ाकर 40 हजार रुपये कर दी गई है।
इंस्टीट्यूट ऑफ बेसिक साइंस के कंप्यूटर केंद्र में संचालित बीसीए की तीन गुना सीटें बढ़ाई गई हैं। पाठ्यक्रम में 60 सीटें थीं, इन्हें बढ़ाकर 180 कर दिया गया है। विश्वविद्यालय कंप्यूटर केंद्र के कंप्यूटर हेड प्रो. अनिल गुप्ता ने बताया कि दो सेक्शन बीसीए के और चलाए जाएंगे। पाठ्यक्रम में प्रतिवर्ष सीट के अनुपात में अधिक आवेदन प्राप्त होते हैं। छात्र-छात्राओं की पाठ्यक्रम के प्रति रुचि है। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम की फीस नहीं बढ़ाई गई है, पहले से 40 हजार रुपये निर्धारित है, वही रहेगी। परीक्षा शुल्क छात्र-छात्राओं को अलग से जमा करना होता है।