डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में संविदा पर कार्यरत क्लर्क ने विभाग में रखी अंकतालिकाओं में शनिवार को आग लगा दी। कुछ जलकर राख हो गईं और कुछ अधजली बरामद की गई हैं। 10-15 ऐसी अंकतालिकाएं भी मिली हैं जिनमें आग नहीं लगी थी। ये बीकॉम, एमएसडब्ल्यू, बीएससी, बीए व अन्य पाठ्यक्रमों की सत्र 2013-14 की हैं।
इतिहास विभाग में तैनात क्लर्क वीरेश कुमार दोपहर करीब डेढ़ बजे विभाग में ही अंकतालिकाओं में आग लगा रहा था। एक शिक्षक ने उसे देखा तो जानकारी विश्वविद्यालय के अधिकारियों को दी। कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र ने सहायक कुलसचिव पवन कुमार को मौके पर भेजा। जानकारी पर कुलपति प्रो. अशोक मित्तल भी पहुंचे, उन्होंने क्लर्क के कक्ष को सील करा दिया। उसके कक्ष में करीब दो हजार अंकतालिकाएं रखी हुई थीं।
एफआईआर दर्ज कराने के साथ संविदा समाप्त की जाएगी: कुलपति
कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी। अंकतालिकाओं में आग लगाने वाले कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के साथ उसकी संविदा समाप्त की जाएगी।
50 मार्कशीटें जलीं, रैकेट का हाथ होने की आशंका
संविदाकर्मी द्वारा अंकतालिकाओं में आग लगाने से करीब 50 अंकतालिकाएं जलने की उम्मीद है। कुलपति का कहना है कि जांच के बाद पता चल पाएगा कि कितनी अंकतालिकाएं जली हैं और वह किन पाठ्यक्रमों की और किन वर्षों की थीं। इन्हें जलाने के पीछे रैकेट का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। एक संविदा क्लर्क के स्तर से इतना बड़ा फैसला नहीं लिया जा सकता है। जांच और क्लर्क से पूछताछ के बाद सच्चाई सामने आ पाएगी। विश्वविद्यालय में इस तरह का काम पहले भी हुआ है। तमाम रिकॉर्ड गायब हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को डिग्री और अंकतालिका नहीं मिल पा रहीं हैं। तमाम जांचें भी चल रही हैं।
द्वितीय शनिवार होने के कारण कम स्टाफ पहुंचा
आगरा। विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर में शनिवार को भीड़ कम थी। द्वितीय शनिवार होने से कम स्टाफ कार्यालयों में पहुंचा था। इतिहास विभाग खुला हुआ था। हालांकि यहां भी कम लोग थे। अवकाश होने के बाद भी कुलपति प्रो. अशोक मित्तल अपने कार्यालय में बैठे थे। परीक्षा नियंत्रक भी सुबह कुछ देर कार्यालय में बैठने के बाद चले गए थे, बाद में घटना की जानकारी होने पर पहुंचे।
क्लर्क ने कहा कि पुरानी थीं, इसलिए जला दी
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक मित्तल का कहना है कि प्राथमिक पूछताछ में संविदा पर तैनात क्लर्क वीरेश ने बताया कि अंकतालिकाएं पुरानी थीं, इसलिए जला दीं। किससे पूछकर उसने अंकतालिकाएं जलाईं, इस बात का जवाब नहीं दे पाया।