डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की गलती का एक और मामला प्रकाश में आया है। उसकी गलती का खामियाजा तीन साल पहले उत्तीर्ण हो चुके डीएस कॉलेज अलीगढ़ के परास्नातक के 14 विद्यार्थियों को आज भी भुगतना पड़ रहा है।
विश्वविद्यालय ने जो अंकपत्र इन विद्यार्थियों को जारी किए हैं, उनमें 31 जून 2016 दर्ज है, जबकि जून का महीना 30 दिनों का ही होता है। इस कारण विद्यार्थियों के कई बार नौकरी के आवेदन निरस्त हो चुके हैं। निराश होकर अब इन लोगों ने आवेदन करना ही बंद कर दिया है।
इस विश्वविद्यालय में इकलौता डीएस कॉलेज है, जहां भू विज्ञान की पढ़ाई होती है। वर्ष 2016 में 14 विद्यार्थियों ने एमएससी (भू विज्ञान) की परीक्षा पास की थी। इन्हें जब अंकपत्र मिले तो उसमें 31 जून देखकर वह हैरान रह गए।
अंकपत्र में तारीख सही कराने के लिए कई बार विद्यार्थी विश्वविद्यालय का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन गलत अंकित तिथि आज तक नहीं बदल सकी। अलबत्ता, विश्वविद्यालय से अंकपत्र सही हो जाने का आश्वासन जरूर मिलता रहा है।