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विश्वविद्यालय का कारनामा, अंकपत्र पर अंकित की '31 जून' तारीख, खामियाजा भुगत रहे छात्र

Tue, 27 Aug 2019 03:49 PM IST
मुकेश कुमार इकराम वारिस, अमर उजाला, आगरा/अलीगढ़
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की गलती का एक और मामला प्रकाश में आया है। उसकी गलती का खामियाजा तीन साल पहले उत्तीर्ण हो चुके डीएस कॉलेज अलीगढ़ के परास्नातक के 14 विद्यार्थियों को आज भी भुगतना पड़ रहा है। 
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विश्वविद्यालय ने जो अंकपत्र इन विद्यार्थियों को जारी किए हैं, उनमें 31 जून 2016 दर्ज है, जबकि जून का महीना 30 दिनों का ही होता है। इस कारण विद्यार्थियों के कई बार नौकरी के आवेदन निरस्त हो चुके हैं। निराश होकर अब इन लोगों ने आवेदन करना ही बंद कर दिया है।

इस विश्वविद्यालय में इकलौता डीएस कॉलेज है, जहां भू विज्ञान की पढ़ाई होती है। वर्ष 2016 में 14 विद्यार्थियों ने एमएससी (भू विज्ञान) की परीक्षा पास की थी। इन्हें जब अंकपत्र मिले तो उसमें 31 जून देखकर वह हैरान रह गए। 
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अंकपत्र में तारीख सही कराने के लिए कई बार विद्यार्थी विश्वविद्यालय का चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन गलत अंकित तिथि आज तक नहीं बदल सकी। अलबत्ता, विश्वविद्यालय से अंकपत्र सही हो जाने का आश्वासन जरूर मिलता रहा है।
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नौकरी के आवेदन हो जाते हैं निरस्त

पीड़ित छात्र कृष्ण हरि शर्मा ने बताया कि हरियाणा एसएससी में फार्म भरा था। अंक पत्र में 31 जून अंकित होने से फार्म निरस्त हो गया। अब तो अंक पत्र का भी जिक्र नहीं करता हूं। धनंजय कुमार चौहान ने कहा कि नौकरी के लिए साक्षात्कार देने जाता हूं, तो अंक पत्र पर अंकित तिथि को गलत बताकर उसे संशय की नजर से देखने लगते हैं। फिर बाद में देखने को कहते हैं।

डीएस कॉलेज के भू विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ वाईपी सिंह ने बताया कि अंकपत्र में तिथि को सुधारने के लिए कई बार विद्यार्थी उनके पास आ चुके हैं। तीन साल से वह चक्कर लगा रहे हैं। विद्यार्थियों की समस्या को देखते हुए मैं 31 जुलाई 2019 को एकेडमिक काउंसिल की बैठक में यह मुद्दा उठा चुका हैं।  मुझे उम्मीद है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
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