शिवदेवी गुप्ता और रानी गुप्ता के फाइल फोटो
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फिरोजाबाद में चिकित्सक के घर हुए दोहरे हत्याकांड में आरोपी कारपेंट को जेल भेज दिया है। लेकिन, उससे पुलिस को जो जानकारी मिली है वो बेहद हैरान करने वाली है।
लूट के साथ-साथ बेइज्जती का बदला लेने के लिए आरोपी ने दोनों को मौत के घाट उतारा था। हालांकि पुलिस आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं कर रही है।
चिकित्सक की मां व छोटे भाई की पत्नी का हत्यारोपी दिलीप पुत्र रमेशचंद्र शर्मा नया रसूलपुर गली नं. पांच में पप्पू पंडित के मकान में किराये पर रहता है। उसकी पत्नी रोली शर्मा ने बताया कि पति व वह दोनों दिव्यांग हैं। उसके एक बेटी-बेटा है।
पुलिस के अनुसार हत्यारोपी पूछताछ में कहानी गढ़ता कहा। बताया कि ब्यूटी पार्लर का फर्नीचर बनाने के दौरान रानी गुप्ता ने उसे फटकार लगाई थी। इस कारण वह खुद को बेइज्जत महसूस कर रहा था। उसने पुलिस को बताया कि वह रानी से इसे लेकर ही बात करने गया था।
पुलिस को हत्यारोपी की इस कहानी पर विश्वास नहीं, क्योंकि सिर्फ बात करने की मंशा होती तो साथ में छुरी और हथौड़ा लेकर नहीं जाता। बकौल पुलिस हत्यारोपी ने छुरी से रानी का गला रेत दिया। ऊपर से शोर मचाते हुए रानी की वृद्ध सास आते दिखाई दी तो फिर उसे मार दिया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिलीप सास-बहू की हत्या के बाद लूटपाट करने के उद्देश्य से ऊपरी मंजिल पर गया था। पैरों में खून लगा होने के कारण जीने में निशान बन गए थे, घर में अलमारी में रखी नकदी, जेवरात निकाल लिए। जब नीचे की ओर आया तो बच्चे दिवित को गोद में लेकर वह नीचे उतार लाया और नीचे छोड़ने के बाद दूसरे गेट से बाहर निकल गया।
मुठभेड़ में आरोपी को गिरफ्तार करने बाद पुलिस खामोश है। गिरफ्तार आरोपी को मीडिया से दूर रखा गया। पुलिस ने आरोपी से लूट का क्या-क्या सामान बरामद किया है यह भी स्पष्ट नहीं किया है।
समान कहां से बरामद किया है और कैश कितना मिला है यह भी नहीं बताया। पूरे मामले पर पुलिस अधिकारियों का गोलमोल जवाब रहा। एसएसपी सचिंद्र पटले ने सिर्फ इतना ही कहा कि लूटा गया माल बरामद कर लिया है, अभी पूछताछ कर रहे हैं।