आगरा में स्वच्छता कॉरपोरेशन के कर्मचारियों के आठ दिन पहले चले जाने से लोहामंडी और छत्ता जोन के 35 वार्डों में सफाई व्यवस्था ठप हो गई है। चालकों के न होने से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लगी कंपनी के वाहन वर्कशॉप से बाहर नहीं निकल रहे। इस वजह से लोगों के घरों में कूड़ा इकट्ठा है, वहीं डलाबघरों से भी कचरा न उठने के कारण सड़ांध से आसपास के लोगों का रहना दूभर हो गया है। बृहस्पतिवार को नगर निगम अधिकारियों ने स्वच्छता कॉरपोरेशन के अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन कोई व्यवस्था तय नहीं हो सकी।
मध्यप्रदेश से आए सफाई कर्मचारियों में से एक महिला की सांप के डसने से हुई मौत के बाद बीते बृहस्पतिवार से शहर के 35 वार्डों यानी एक तिहाई शहर में सफाई व्यवस्था ठप पड़ी हुई है। निजी कंपनी स्वच्छता कॉरपोरेशन ने आठ दिनों से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन बंद होने के बाद कोई वैकल्पिक इंतजाम भी नहीं किया। कंपनी के आगरा प्रभारी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि तीन से चार दिन का समय और लग सकता है। कंपनी के अन्य स्थानों पर काम कर रहे कर्मचारियों को आगरा भेजा जा रहा है।
इन वार्डों से नहीं उठ रहा कचरा
अलबतिया, बालाजीपुरम, जगदीशपुरा, खतैना, घास की मंडी, राजनगर, नगला मोहन, भोगीपुरा, लोहामंडी, आजमपाड़ा, नगला अजीता, गढ़ी भदौरिया, आवास विकास कॉलोनी दक्षिण और उत्तर, जयपुर हाउस, रामनगर मोहन नगर, शास्त्रीपुरम, अजीत नगर, केदार नगर, बारहखंभा, खातीपाड़ा, राजामंडी, प्रकाश नगर, अशोक नगर।
कोई तो इस नरक से बचाए
आठ दिन हो गये, कचरा नहीं उठा। पिछले बृहस्पतिवार से कूड़ा लेने वाली गाड़ी नहीं आई। सड़ांध के कारण रहना मुश्किल है। कोई तो इस नरक से बचाए। - विनीत कुमार, सुभाष नगर
निगम को करनी थी व्यवस्था
अगर कंपनी के कर्मचारी चले गए तो नगर निगम अधिकारियों को व्यवस्था करनी थी। उन्हें अपने ड्राइवर भेजने चाहिए। कंपनी से पहले निगम ही कूड़ा उठवाता था। - राहुल चौधरी, पार्षद, आजमपाड़ा
सोमवार से हो सकेगी व्यवस्था
कंपनी के अधिकारियों से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा है। सोमवार से सफाई व्यवस्था पटरी पर आ जाने का वादा किया है। कंपनी को चेतावनी जारी की गई है। - सुरेंद्र प्रसाद यादव, अपर नगर आयुक्त