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Health: हार्ट अटैक के तेजी से क्यों बढ़ रहे केस, बच्चों को हो रही डायबटीज; चिकित्सकों ने बताई चौंकाने वाली वजह

Fri, 22 May 2026 10:58 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में आयोजित मेडिकल कार्यशाला में डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि फास्टफूड, पैकेट बंद भोजन और मोबाइल की लत से बच्चों और युवाओं में मोटापा, डायबिटीज और हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि लाइफस्टाइल सुधारकर और संतुलित आहार अपनाकर इन गंभीर बीमारियों से काफी हद तक बचाव संभव है।
 
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चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फास्टफूड, पैकेट बंद भोजन, देर रात तक जागना और घंटों मोबाइल का उपयोग। इससे अधिकांश बच्चों-युवाओं में बीमारी पनप रही है। मोटापा भी बढ़ रहा है। माल रोड स्थित होटल में कार्डियो डायबिटीज रिसर्च सोसाइटी ऑफ आगरा की कार्डियोमेटाबॉलिक रेस्पिरेटरी की कार्यशाला में चिकित्सकों ने बताया कि 13 फीसदी को मधुमेह, हृदय रोग की परेशानी से जूझ रहे हैं। इनमें 14 तरह के कैंसर का खतरा भी बढ़ गया है।
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नई दिल्ली के डॉ. हर्षवर्धन पुरी ने बताया कि वायरस-बैक्टीरिया जनित बीमारियों की दर घट रही है। इसके विपरीत लाइफस्टाइल डिजीज बीते दशक के मुकाबले दो गुना हुई है। फास्टफूड, पैकेट बंद भोजन, देर रात तक जागकर मोबाइल-लैपटाप चलाने से नींद पूरी नहीं हो रही। शरीर में कई बदलाव हो रहे हैं। इसके कारण करीब 13.1 फीसदी लोगों में मधुमेह-हृदय रोग की दिक्कत मिल रही है। बीते दशक में ये संख्या 7.5 फीसदी थी। लखनऊ के डॉ. अजय तिवारी ने बताया कि फास्टफूड और पैकेट बंद भोजन में कई रासायनिक तत्व होते हैं। बाहर का खाना बार-बार गर्म हुए तेल में बनता है। इससे ट्रांसफैट होता है। इससे हाइपरटेंशन, कॉलेस्ट्रॉल, मोटापा और हृदय रोग हो रहा है। इसमें बच्चे, किशोर और कॉलेज गोइंग छात्र तेजी से मोटे हो रहे हैं।

 

गुरुग्राम की डॉ. वर्तिका विश्वानी ने बताया कि मोटापा भी कैंसर की बड़ी वजह बनता जा रहा है। मोटापे से इंसुलिन रेजिस्टेंट होता है इससे इंसुलिन ग्रोथ फैक्टर बढ़ने लगते हैं। इसके कारण स्तन, गर्भाशय, प्रोस्टेट, पेट, आंतों समेत शरीर के अन्य अंगों में 13-14 तरह के कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। अगर कोई धूम्रपान करता है तो इससे कैंसर का सात गुना, शराब से तीन गुना खतरा है। अध्यक्ष डॉ. वाईबी अग्रवाल, आयोजन सचिव डॉ. राजीव किशोर, डॉ. डीपी अग्रवाल, डॉ. तरुण सिंघल, डॉ. कैलाश विश्वानी, डॉ. अशोक शिरोमणि, डॉ. भूपेंद्र आहूजा, डॉ. शरद पालीवाल, डॉ. प्रशांत प्रकाश, डॉ. पंकज अग्रवाल, डॉ. पवन गुप्ता, डॉ. धर्मेंद्र तिवारी, डॉ. बीके अग्रवाल, डाॅ. अरविंद जैन, डॉ. राजीव अवस्थी ने भी व्याख्यान दिए।


 

एआई से आसानी से चिह्नित हो रही हैं बीमारियां
नोएडा के डॉ. गगन सैनी और डॉ. रश्मि शुक्ला ने बताया कि आर्टिफिशयल इंटेलीजेंसी से बीमारियों की सटीक जांच हो रही है। यहां तक कि कैंसर के मरीजों के इलाज में भी ये कारगर साबित हो रही है। रेडियोथेरेपी भी आसान हो गई है। डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने बताया कि जैविक अमरता पर दुनिया में छह कंपनियां शोध कर रही हैं। रूस में पहला ह्यमन ट्रायल शुरू हो चुका है। आयोजन चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा, सचिव डॉ. राजीव किशोर ने बताया कि स्वस्थ दिनचर्या और बेहतर फिटनेस से मधुमेह, हृदय रोग, हाइपरटेंशन की बीमारियों से बचा जा सकता है।

 
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ये दिए सुझाव
- फास्टफूड-पैकेट बंद भोजन से पेट न भरें। फाइबर युक्त भोजन करें।

- चीनी-नमक और चिकनाई के रोजाना के उपयोग को आधा कर लें।
- थोड़ी दूरी पर जाने के लिए पैदल चलें, साइकिल इस्तेमाल करें।

- बच्चों को आउटडोर गेम पर ज्यादा जोर दें, वजन न बढ़ने दें।
- देर रात जागने से बचें, सोने से घंटे भर पहले स्क्रीन न देखें।
 
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