बच्चे को टीका लगातीं स्वास्थ्यकर्मी
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कोरोना वायरस की चौथी लहर में बच्चे अधिक संक्रमित मिल रहे हैं, ऐसे में कोविड नियमों की अनदेखी ठीक नहीं है। कोई ढिलाई न बरतें और अपने बच्चों का टीकाकरण जरूर करवाएं। असल में वैक्सीन ही कोरोना की दवाई है। स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ. नंदन सिंह का कहना है कि ताज नगरी में कोरोना की तीन लहर गुजर चुकी है। पहली लहर में कोरोना का टीका विकसित नहीं हुआ था, लेकिन 16 जनवरी 2020 को वैक्सीन लगना शुरू हुई जिन लोगों ने कोरोना का टीका लगवाया, उनकी हालत गंभीर नहीं बनी।
तीसरी लहर आने तक अधिकांश लोगों ने दूसरी डोज भी लगवा ली थी, जिस कारण उनमें मामूली लक्षण मिले। अब चौथी लहर की दस्तक हो चुकी है, इसमें बच्चे भी मिल रहे हैं। ऐसे में मास्क लगाना, सामाजिक दूरी और हाथों की सफाई को गंभीरता से अपनाएं। खासतौर से अपने पांच से 12 साल तक के बच्चों का वैक्सीनेशन जरूर करवा लें, असल में टीका कोरोना वायरस से बचाव की दवा है।
टीकाकरण से होता है कोरोना से बचाव
एसएन मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ अजीत चाहर का कहना है कि कोरोना की वैक्सीन लगने से शरीर में एंटीबॉडी बन जाती है, जिससे वायरस प्रभावी साबित नहीं होता। अधिकांश आबादी को टीका लग चुका है अब पांच से 12 साल के बच्चों को वैक्सीनेशन शुरू होने वाला है। ऐसे में अभिभावक बच्चों को टीका जरूर लगवा दें। इससे बच्चे भी सुरक्षित हो जाएंगे।
गांव में अभिभावकों को कर रहे प्रेरित
बरौली अहीर के ब्लॉक प्रमुख उत्तम सिंह काका का कहना है कि गांव में टीकाकरण के लिए लोग जागरूक हैं और काफी हद तक टीकाकरण हो चुका है। पांच से 12 साल तक के बच्चों के टीका लगवाने के लिए भी हम लोगों को जागरूक कर रहे हैं। ग्राम पंचायतों में भी बच्चों के टीकाकरण के लिए ग्रामीणों को प्रेरित कर रहे हैं।