फिल्म इंडस्ट्री सबसे अधिक प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्र है। यहां बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक कभी भी कोई भी आपका प्रतिद्वंद्वी बन सकता है। सफलता और पैसा कमाने की इच्छा के अलावा यदि आपमें पैशन न हो तो फिल्म इंडस्ट्री के बारे में कभी न सोचें। यहां जिस मुकाम पर आप पहुंचे हैं, उसको बनाए रखना आसान नहीं होता। सफलता को बरकरार रखना है तो ड्रीमर के साथ प्रैक्टिकल होना भी जरूरी है।
स्पाइसी शुगर संस्था के सीजन-3 के उद्घाटन समारोह में शुक्रवार को क्राइम पेट्रोल फेम अनूप सोनी ने फिल्म जगत में सफलता की बारीकियों व कठिनाइयों के साथ अपने व्यावसायिक जीवन के अहम पहलुओं को भी साझा किया। कॉफी विद करन की तर्ज पर आयोजित कार्यक्रम में संस्था की अध्यक्ष पूनम सचदेवा ने सवालों का सिलसिला शुरू किया। अनूप सोनी ने कहा कि अभिनेता नहीं होता तो क्रिमिनल लॉयर बनता।
ससुराल में सालियों संग लगा बहुत अच्छा
कार्यक्रम के प्रारंभ में ही एक सदस्या ने सवाल पूछ लिया कि ससुराल में आकर इतनी सालियों के बीच कैसा महसूस कर रहे हैं अनूप सोनी? अनूप सोनी ने जवाब दिया, बहुत अच्छा। लेकिन इसके बाद जब एक सदस्या ने संबोधन में आदरणीय शब्द का इस्तेमाल किया तो मजाकिया लहजे में सम्मान के साथ उन्होंने कहा कि या तो सालियां मत कहिए या फिर आदरणीय मत लगाइए। इस पर ठहाके गूंजने लगे।
घर का माहौल सुधारने से ही समाज में सुधार
क्राइम पेट्रोल का जिक्र हुआ हो धारा 498 ए व 367 के दुरुपयोग पर भी चर्चा हुई। अमित सोनी ने कहा कि घर का माहौल सुधरेगा तभी हम समाज को सुधार सकेंगे। घर में लड़के व लड़की को समान अधिकार, समान परवरिश देनी होगी।