वहीं रात 12 बजे मनीष पांडेय के शव का पोस्टमार्टम हुआ। थाना एत्मादपुर के प्रभारी निरीक्षक अनुज सैनी ने बताया कि पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया गया है। वीडियोग्राफी भी कराई गई है। शवों को परिजनों को सौंप दिया गया है।
शनिवार को हुई मुठभेड़ में मारे गए थे दोनों
शनिवार दोपहर को कमला नगर स्थित मणप्पुरम गोल्ड लोन कंपनी के कार्यालय में साढ़े नौ करोड़ का डाका डाला गया था। इस डकैती कांड के दो घंटे बाद पुलिस ने निर्दोष कुमार और मनीष पांडेय के नाम के दो युवकों को मुठभेड़ में मार गिराया।
पुलिस के अनुसार यह दोनों युवक डकैती कांड में शामिल थे। एत्मादपुर में घेरबंदी करने पर दोनों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में दोनों युवकों को गोली लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। इनके पास से लूटे गए सोने के गहने बरामद हुए हैं।
सदमे में दोनों के परिजन
निर्दोष कुमार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। वह कैसे बदमाशों तक पहुंचा किसी को पता नहीं है। इससे परिवार सदमे में है। उसके पिता माता प्रसाद ने उसे बेगुनाह बताया है। वहीं मनीष पांडेय दरोगा भर्ती परीक्षा पास कर चुका है, लेकिन हत्या के एक मामले में जेल जाने से उसके सपने टूट गए थे।