ताज नगरी फेज-1 निवासी डॉ. श्रद्धा मिश्रा ने पुलिस को बताया कि 20 नवंबर 2025 को उनके मोबाइल नंबर पर अज्ञात नंबर से यूनियन बैंक के नाम से एपीके फाइल भेजी गई। उनका खाता भी इसी बैंक में था। बैंक का संदेश समझकर फाइल फोन में इंस्टॉल कर ली। इसके बाद उनके बैंक खाते से चार बार में कुल 8.30 लाख रुपये निकाल लिए गए। खाते से रकम निकलने की जानकारी होने पर पीड़िता ने थाने के सहयोग से साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
ऑनलाइन निवेश के नाम पर धोखाधड़ी
आगरा में ऑनलाइन निवेश के नाम पर धनौली निवासी दिलीप कुमार से 8.38 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर दी गई। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़ित दिलीप के अनुसार सोशल मीडिया पर विज्ञापन देख उसने एक वेबसाइट वैप डॉट कर्ली इंडिया ग्रुप डॉट कॉम पर संपर्क किया। आरोपियों ने व्हाट्सएप नंबरों से बात और चैटिंग की। नौ मार्च को एक खाते में पांच लाख रुपये जमा कराए गए।
इसके बाद 11 मार्च को दूसरे खाते में 3,38,765 रुपये ट्रांसफर कराए। दिलीप का आरोप है कि निवेश के नाम पर रकम लेने के बाद जब रकम निकालनी चाही तो आरोपियों ने बहाना बनाकर और रकम जमा कराने को कहा। तब समझ में आया कि उसके साथ ठगी की गई है। मामले में उसने 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और थाना साइबर क्राइम को तहरीर दी। डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।