बाल गृह की आया व रसोइया ने पूनम पाल पर अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इनमें बच्चों से मालिश कराना, कर्मियों से कपड़े धुलवाना, बाल गृह को विलासिता का अड्डा बनाने के अलावा प्रयागराज में तैनाती के दौरान 6 महीने जेल में निरुद्ध रहने के आरोप शामिल हैं। डीपीओ अजय पाल सिंह का कहना है कि प्रयागराज व अन्य जिलों में तैनाती के दौरान लगे आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की जा रही है। कमेटी की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
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दरअसल, घटना 4 सितंबर 2023 की शाम 4 बजे की है। यह बालगृह में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। 1:23 मिनट के वीडियो में अधीक्षिका पूनम पाल बिस्तर पर लेटी बालिका की चप्पल से पिटाई करती दिख रही है। फिर थप्पड़ मारती है। वीडियो में कक्ष में छह अन्य बच्चे दूसरे बिस्तर पर लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं।
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एक अन्य वीडियो में एक मानसिक दिव्यांग बच्चा जमीन पर लेटा है। उसके हाथ पैर रस्सियों से बंधे हुए हैं। इस घटना की शिकायत मंगलवार को आया कविता कर्दम, बेबी, दीपाली और रसोइया सुनीता ने कलेक्ट्रेट में दर्ज कराई। मामले की गंभीरता देखते हुए डीएम भानु चंद्र गोस्वामी के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट आनंद कुमार व जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) जांच के लिए बाल गृह पहुंचे थे।