पंच महोत्सव के तहत गुरुवार से शुरू हुआ दीपोत्सव शनिवार को अपने चरम पर है। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा पर कई दुर्लभ योग बन रहे हैं। दिवाली पर गुरु सिंह राशि में एवं राहु कन्या राशि में रहा। 131 साल पहले 1889 में यह योग बना था। ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि इस योग में की गई लक्ष्मी पूजा सुख-समृद्धि, धन-वैभव दिलाएगी।
शनिवार को दिवाली पर तीन ग्रहों का दुर्लभ योग गुरु अपनी स्वराशि धनु और शनि अपनी स्वराशि मकर में रहेगा। जबकि शुक्र कन्या राशि में रहेगा। यह संयोग 499 साल पहले 1521 में बना था। यह योग सुख-समृद्धि और सफलता दिलाने वाले हैं। इतना ही नहीं दिवाली पर बन रहे शुक्र के मालव्य योग में शुरू किए गए काम ऐश्वर्य, धन और सुख प्रदान करते हैं।
ऐसे करें पूजन
ज्योतिषाचार्य पूनम वार्ष्णेय ने बताया कि चौकी रखकर उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं, गंगाजल छिड़क कर उस स्थान को पवित्र करें। इसके बाद वहां लक्ष्मी-गणेश भगवान की मूर्ति स्थापित करें। उन्हें नए वस्त्र, अलंकार, आभूषण, पुष्प माला, जनेऊ धारण कराएं। चंदन एवं अक्षत से तिलक अवश्य करें। पांच फल, पांच मेवे, पांच प्रकार की मिठाइयां, खील बतासे, चीनी के खिलौनों का भोग लगाएं। गणेशजी को दूर्वा, गणेली अर्पित करें।