शरद चतुर्वेदी साहित्याचार्य ने बताया कि एक चौकी लगाकर उस पर लाल कपड़ा बिछाने के बाद लक्ष्मी गणेश जी को स्थापित करें। घी का दीपक भगवान के दाहिनी तरफ एवं तेल का दीपक बायीं तरफ जलाएं और भगवान का मन में स्मरण करें। इसके बाद पांच बार लक्ष्मी गणेश जी पर शुद्ध जल से छींटे लगाएं।
रोली, चावल, हल्दी, मेहंदी इत्यादि से लक्ष्मी गणेश जी का पूजन कर मिठाई एवं फल के साथ खील, बतासे, खिलौना का भी प्रसाद लगाएं। इसके बाद कमल के पुष्पों के साथ पुष्पमाला चढ़ाएं आरती करें। रात में श्रीसूक्त, लक्ष्मी सूक्त, कनकधारा स्तोत्र और गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ एवं लक्ष्मी जी मंत्र का जप करें जागरण करें।
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