करणी सेना की ओर से आगरा के गढ़ी रामी में रक्त स्वाभिमान सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इसमें शामिल होने के लिए क्षत्रिय नेताओं को पुलिस ने नजरबंद कर किया। इसको लेकर नारेबाजी की गई।
आगरा के गढ़ी रामी में आयोजित रक्त स्वाभिमान सम्मेलन में शामिल होने जाने से पहले ही क्षत्रिय महासभा व करणी सेना के जिला अध्यक्षों को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। वहीं दो दर्जन क्षत्रिय नेता आगरा के लिए रवाना होने में सफल रहे।
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सोरोंजी के नगरिया में क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष विजेंद्र गौर अपने साथियों के साथ आगरा जाने के लिए तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस पहुंच गई और सभी को आगरा जाने से रोक दिया। सभी को एक स्थान पर नजर बंद कर दिया। रोके जाने पर लोगों ने राणा सांगा अमर रहें, रामजीलाल सुमन मुर्दाबाद, क्षत्रिय एकता जिंदाबाद के नारे लगाए।
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष कौशलेंद्र प्रताप सिंह सोलंकी के घर पर सुबह ही पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने उनको घर पर ही नजर बंद कर दिया। जबकि ठाकुर अवधेश कुमार सिंह, रतन पुंढीर, कबीर प्रताप सिंह, ग्रीस फौजी, वरुण प्रताप सिंह, दुष्यंत चौहान, गौरव चौहान, सीपी सिंह, शिवम् ठाकुर, मनोज ठाकुर, पंकज तोमर, ब्रजभान सिंह, प्रदीप चौहान, मुनेंद्र राघव, अजय सोलंकी, विनय तोमर, सचिन चौहान सहित अन्य नेता पुलिस को चकमा देकर अपने वाहनों से आगरा के लिए रवाना हो गए।