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Agra: एसएन मेडिकल काॅलेज के निर्माण कार्यों में मिली लापरवाही, डीएम की सख्ती; एजेंसी को 15 दिन का अल्टीमेटम

Sun, 26 Apr 2026 04:15 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

एसएन मेडिकल काॅलेज में निरीक्षण के दाैरान जिलाधिकारी को कई लापरवाही मिलीं। निर्माण कार्य के लिए 800 श्रमिकों की जरूरत के बावजूद 350 श्रमिक ही काम कर रहे हैं, जिसके कारण अब तक केवल 21 से 35 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है।
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एसएन मेडिकल काॅलेज में डीएम ने किया निरीक्षण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के जिलाधिकारी मनीष बंसल ने शनिवार को एसएन मेडिकल कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन लेडी लॉयल अस्पताल विस्तारीकरण (फेज-1), मेडिकल ब्लॉक और यूजी/पीजी हॉस्टल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति, श्रमिकों की भारी कमी और निर्माण में घटिया सामग्री के प्रयोग पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित प्रोजेक्ट मैनेजर और कार्यदायी संस्थाओं को कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि अगले 15 दिनों में धरातल पर कार्य की प्रगति न दिखी तो कड़ी कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा।
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जिलाधिकारी ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड की व्यवस्थाओं को परखा, जहां सर्जरी, पैथोलॉजी और सीटी स्कैन जैसी सुविधाएं संतोषजनक मिलीं। इसके बाद उन्होंने निर्माणाधीन लेडी लॉयल अस्पताल और मेडिकल ब्लॉक का निरीक्षण किया। पता चला कि 800 श्रमिकों की जरूरत के बावजूद 350 श्रमिक ही काम कर रहे हैं, जिसके कारण अब तक केवल 21 से 35 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है।

 

होली बीते दो माह होने के बावजूद श्रमिकों की संख्या न बढ़ने पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। निर्माणाधीन यूजी/पीजी हॉस्टल के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को तकनीकी खामियों का अंबार मिला। पिलर-बीम डिजाइन और शटरिंग की लाइन-लेवल की जांच किए बिना ही कंक्रीट का कार्य करा दिया गया है। निर्माण की गुणवत्ता मानकों के विपरीत पाए जाने पर उन्होंने साइट इंचार्ज को जमकर फटकारा।

 
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डीएम ने सीडीओ प्रतिभा सिंह को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की सतत निगरानी के लिए तत्काल एक जिलास्तरीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। कमेटी न केवल कार्य की समयसीमा तय करेगी बल्कि हर महीने प्रगति रिपोर्ट भी सौंपेगी। वहीं, कार्यस्थल पर धूल नियंत्रण के उपाय न होने और बिखरी हुई निर्माण सामग्री पर भी नाराजगी जताई।

उन्होंने निर्देश दिया कि ट्रांसपोर्टेशन प्लान का पालन किया जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो। निरीक्षण के दौरान सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक में मरीजों से भी फीडबैक लिया गया। इस दौरान पता चला कि 40 प्रतिशत मरीज बाहरी जिलों से इलाज के लिए आ रहे हैं। इस दौरान सीडीओ प्रतिभा सिंह, सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव, मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. प्रशांत गुप्ता सहित अन्य विभागीय अभियंता उपस्थित रहे।


 
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