ग्रामीणों की मानें तो पिछले तीन दिनों से संदीप अपनी पत्नी बेबी और बेटे के साथ मारपीट कर रहा था, जिसके डर से उसकी पत्नी भी गांव के अन्य घरों में छिपकर रह रही थी। फिलहाल घटना के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। एसपी ग्रामीण अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि ग्राम किसरांव में संदीप नामक व्यक्ति व उसके पांच साल के बच्चा का गला कटा होने की जानकारी हुई थी। दोनों घायलों को आगरा उपचार के लिए भेजा गया है।
हर ग्रामीण की जुबां पर असली और नकली संदीप की कहानी
ग्रामीणों का कहना है कि जयवीर के तीन पुत्र थे। सबसे बड़ा पप्पू, दूसरे नंबर का टम्पू, तीसरे नंबर का संदीप। जयवीर का बेटा संदीप वर्ष 2000 में गुस्सा होकर घर से भाग गया था। 2011 में एक युवक गांव में आया। उसने खुद को संदीप होने का दावा किया। पिता ने भी 11 साल बाद शारीरिक परिवर्तन होने के कारण उसे अपना पुत्र मान लिया। 2013 में पिता संदीप की शादी पाढ़म गांव से कर दी।
शादी के दो साल बाद 2015 में एक और युवक आया और उसने जयवीर का असली बेटा संदीप होने का दावा किया। ग्रामीणों का कहना है कि 2017 में उक्त युवक ने दंबगई दिखाते हुए संदीप को गांव छोड़कर जाने पर मजबूर कर दिया। मई के पहले सप्ताह में इस बीच जयवीर की मौत हो गई। लेकिन जयवीर ने मौत से पहले ही अपनी वसीयत अपने दो बेटे के नाम कर दी। तथाकथित संदीप को कुछ भी नहीं हासिल हुआ। इस बात को लेकर वह डिप्रेशन में था। ग्रामीणों की मानें तो पप्पू और संदीप दिल्ली रहते हैं, जबकि टम्पू मुंबई में रहकर नौकरी कर रहा है।
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