आगरा की कानून व्यवस्था को और बेहतर करने के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए कारागार के महानिदेशक आनंद कुमार मंगलवार और बुधवार को कानून व्यवस्था की समीक्षा के साथ पुलिसिंग में सुधार के लिए उपाय बताएंगे। उनके लिए यह काम चुनौती से कम नहीं, क्योंकि यहां न तो खनन माफिया पर लगाम है, न बाइकर्स गैंग पर, न ही लपके पकड़े जा रहे हैं, जेल में मोबाइल तक मिल चुके हैं। चोरियां भी नहीं रुक रहीं हैं।
पुलिस पर गोली चला रहे खनन माफिया
एत्माद्दौला, खंदौली, पिनाहट, खेरागढ़, बाह, मंसुखपुरा में माफिया बेखौफ खनन कर रहे हैं। एक साल में दो बार पुलिस पर हमला कर चुके हैं। वन विभाग की टीम पर हमले के 17 केस दर्ज है। इनमें 50 लोगों के नाम आए, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो पाई।
लपकों पर लगाम नहीं, ताज पर ही 200 सक्रिय
यह सूची दो साल पहले तत्कालीन आईजी रेंज अशोक मुथा जैन ने बनवाई थी। पुलिस ने इन्हें शांतिभंग में पकड़ा जिसमें उसी दिन जमानत मिल गई। ये लपके फिर से सक्रिय हैं। सीकरी में लपके दो बार पुलिस पर हमला कर चुके हैं।