ग्राम पंचायतों में डिजिटल मॉडल लाइब्रेरी के संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। पहले चरण में अप्रैल तक 104 पंचायतों में लाइब्रेरी तैयार कर ग्रामीणों को बेहतर अध्ययन सुविधा देने की योजना है।
ग्राम पंचायतों में बन रही मॉडल लाइब्रेरी के संचालन के लिए पंचायती राज विभाग ने तैयारी शुरू कर दी हैं। मंगलवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि की एसआर रंगनाथन केंद्रीय पुस्तकालय में प्रशिक्षण दिया गया। एडीओ पंचायत, पंचायत सचिव और पंचायत सहायकों को विवि और कॉलेज में संचालित पुस्ताकालयों की तर्ज पर प्रशिक्षण दिया गया।
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डीपीआरओ मनीष कुमार ने बताया कि बाल सुलभ डिजिटल लाइब्रेरी का कार्य प्रगति पर है। पहले चरण में अप्रैल तक 104 ग्राम पंचायतों में लाइब्रेरी बनकर तैयार हो जाएंगी। इनमें नेशनल बुक ट्रस्ट के साथ अन्य प्रकाशन की किताब होंगी। फर्नीचर और कंप्यूटर भेज दिए गए हैं। इन मॉडल लाइब्रेरी के संचालन के लिए बेहतर प्रबंधन की भी आवश्यकता है।
इसके लिए सचिव व पंचायत सहायकों को प्रशिक्षण दिलाया गया। पुस्तकों पर ग्राम पंचायतों के नाम और कोड डालने, मासिक और साप्ताहिक पत्रिकाओं के रखरखाव, ग्रामीणों को पढ़ने देने के लिए पुस्तकों के विवरण दर्ज कर रजिस्टर व्यवस्थित रखने और किताब, कंप्यूटर आदि के रख रखाव के बारे में बताया गया है।