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विश्व मधुमेह दिवस: कोरोना काल में बढ़ गए तीन फीसदी मरीज, बीमारी से बचना है तो रोज करें ये काम

Sun, 14 Nov 2021 10:23 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

आगरा डायबिटिक फोरम की स्टडी के अनुसार कोरोना महामारी के दौरान मधुमेह के तीन फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। इसका प्रमुख कारण तनाव और बिगड़ती जीवनशैली है। 
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मधुमेह जांच (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
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विस्तार
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कोरोना महामारी में मधुमेह के लिहाज से भी बुरी खबर रही। आगरा डायबिटिक फोरम की स्टडी बताती है कि इन 20 महीनों में मधुमेह के तीन फीसदी मरीज बढ़ गए। पूर्व में जहां औसतन सौ में से करीब छह मरीज नए मिल रहे थे, कोरोना काल में यह संख्या करीब नौ रही। इस स्टडी के अनुसार तनाव भी मधुमेह की बीमारी बढ़ने का एक बड़ा कारण है। 

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फोरम के सचिव डॉ. सुनील बंसल ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान मधुमेह विशेषज्ञों की ओपीडी में आने वाले मरीजों पर यह स्टडी की गई। 11,980 मरीजों में से 359 लोगों में मधुमेह मिला। यह नए मरीज थे।  

डॉ. बंसल ने बताया कि इसके अलावा संक्रमण के दुष्प्रभाव से भी मधुमेह का शिकार हुए। संक्रमण से ठीक हो चुके 2040 लोगों में भी जांच में मधुमेह की पुष्टि हुई। हालांकि इन मरीजों में तीन-पांच महीने में शुगर स्तर सामान्य हो गया। इनमें 25 साल के भी मरीज रहे। स्टेरॉयड की ओवर डोज भी मधुमेह की बड़ी वजह रही।

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फोरम की इस स्टडी में मधुमेह रोगियों पर प्रभाव को भी जांचा गया। पाया गया कि मधुमेह रोगियों की शुगर का स्तर तीन गुना तक बढ़ गया था। इनमें हार्ट अटैक, न्यूरोपैथी, रेटिनोपैथी, लकवा की भी परेशानी हुई।

11980 लोगों पर हुई स्टडी
358: लोगों मधुमेह के नए मरीज मिले
2040: लोगों में कोरोना के बाद मधुमेह हुआ

मधुमेह से हृदयाघात का तीन गुना खतरा: डॉ. जैन
उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विनेश जैन ने बताया कि हृदय रोग के लिए धूम्रपान, शराब का सेवन, मोटापा के अलावा मधुमेह भी बड़ा कारण है। मधुमेह रोगियों में हार्ट अटैक का खतरा तीन गुना है। कोलेस्ट्रोल की मात्रा अधिक जमने से धमनियां संकुचित हो जाती हैं, हृदय तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचती। इससे हृदयाघात हो जाता है। 30 साल के युवाओं में भी मधुमेह के चलते हृदय रोग मिल रहा है। 

देर रात तक जागने से युवाओं में दिक्कत: डॉ. मित्तल
उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल के फिजीशियन डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि कोरोना महामारी से लोगों में मधुमेह के प्रति चेतना जगी और सामान्य के मुकाबले जांचें ज्यादा होने से नए मरीज सामने आ रहे हैं। युवाओं में मधुमेह पनपने की बड़ी वजह मोबाइल-इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर देर रात तक समय बिताना भी रहा। इससे नींद पूरी नहीं हुई। कार्य, नौकरी, भविष्य के प्रति चिंतित भी हैं। इससे भी मधुमेह के शिकार हुए। व्यायाम नहीं करने से वजन भी बढ़ना एक वजह रही। 

बीमारी बढ़ने के कारण
सामान्य मरीज
- आर्थिक, बीमारी और अपनों की मौत के चलते तनाव में रहे। 
- कोरोना महामारी में व्यायाम- दैनिक गतिविधियां बंद रहीं। 
- खानपान सामान्य के मुकाबले डेढ़ से दो गुना बढ़ गया

कोरोना संक्रमित
- कोरोना संक्रमण के दुष्प्रभाव, स्टेरॉयड की ओवर डोज। 
- कोरोना वायरस से तनाव, परिचितों की मौत से तनाव।
- व्यायाम नहीं होना, तेल-चिकनाईयुक्त भोजन अधिक। 
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मधुमेह रोगी
- तनाव-खानपान के अलावा व्यायाम नहीं हो पाया। 
- दवाएं और चिकित्सकीय परामर्श नियमित नहीं हुआ।
- ग्लूकोज की जांच प्रभावित रही, जांच नहीं करा पाए।

बचना है तो साइकिल चलाएं और टहलें
- रोजाना तीन से पांच किमी तक साइकिल चलाएं।
- रोजाना 30 से 40 मिनट तक तेज गति से टहलें। 
- इमारतों पर चढ़ते वक्त सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।

धूम्रपान और शराब का सेवन न करें
- मधुमेह है तो हृदय की जांच, नियमित जांच कराते रहें। 
- फास्ट फूड से बचें, वजन न बढ़ने दें। नींद पूरी लें।
- हॉबी पालें। मित्रों से गपशप के लिए समय निकालें।
(जैसा कि डॉ. आशीष गौतम फिजीशियन, एसएन मेडिकल कॉलेज ने बताया)
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