कासगंज। कुंभ मेले के लिए शासन के निर्देश पर डिपो से दो बसों का संचालन शुरू हुआ था। यह बस सेवा 13 जनवरी को शुरू हुई, लेकिन बस में कुंभ के लिए यात्रियों की संख्या नहीं निकल रही। ट्रेनों को पकड़ने के लिए ही यात्री बसों का सहारा ले रहे हैं। यात्री रोडवेज की अपेक्षा ट्रेनों में ही यात्रा करने को वरीयता दे रहे हैं। इसके पीछे एक कारण ट्रेनाें में कम किराया भी है।
कुंभ जाने वाली दो बसों में से एक बस की सेवा बंद कर दी गई है। एक बस का संचालन प्रयागराज के लिए अभी चल रहा है। यह बस सुबह 11 बजे कुंभ के लिए प्रतिदिन रवाना हो रही है, लेकिन इस बस में कुंभ की सवारियां एक दो ही निकली पा रही हैं। बाकी रास्ते की सवारियां ही सवार हो रही हैं। ऐसी स्थिति में एक बस का संचालन रोका गया है। बस में सवारियां न निकलने का मुख्य कारण है कि डिपो की बस का कुंभ का किराया 681 रुपये है। जबकि रेल का किराया पैसेंजर ट्रेन में 165 रुपये है और एक्सप्रेस ट्रेन का किराया 275 है। ट्रेन में श्रद्धालुओं को यात्री सुविधाएं भी मिल जाती हैं। ऐसी स्थिति में यात्री ट्रेन की यात्रा को वरीयता दे रहे हैं। बस सेवा की ओर यात्रियों का रुझान नहीं है।