साधु को बताया मानसिक रूप से कमजोर
चिकित्सकों ने प्राचार्य को मौखिक रूप से बताया कि मरीज मानसिक रूप से कमजोर है। कई बार भागने का प्रयास किया था। पहले दिन भाग भी गया था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया गया तो मिल गया। फिर से भर्ती करके उपचार शुरू किया गया। वहीं सोमवार की घटना के बाद उसे फिर वार्ड में भर्ती कर लिया गया। मंगलवार को उसका उपचार किया जा रहा था।
प्राचार्य ने बताया कि झुलसे साधु के भागने के मामले में संबंधित इकाई में कार्यरत चिकित्सकों से लिखित में 30 जून तक जवाब मांगा है। हर पहलू पर जांच की जा रही है। यदि लापरवाही हुई है तो कार्रवाई भी की जाएगी।