आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती 18 मरीजों की एलाइजा जांच कराने पर डेंगू मिला है। इसमें एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टर सहित नौ लोग शामिल है। फिरोजाबाद के छह मरीज है। मैनपुरी, एटा और हाथरस का एक-एक मरीज है। तीन नए मरीज भर्ती हुए है।
एसएन प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन के डेंगू वार्ड में अभी 21 मरीज भर्ती हैं। इनमें से वायरोलॉजी लैब की जांच में 18 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक 87 मरीज डेंगू के और 17 मरीज मलेरिया के मिले हैं। मंगलवार को मिले नौ मरीजों में शंकर गली 19 साल की युवती, बालूगंज में 17 साल का किशोर, टेढ़ी बगिया में 17 साल का किशोर, अकोला में मां-बेटी, महादेवी नगर टेढ़ी बगिया में छह साल की बच्ची, नालंदा टाउन में 40 साल की महिला, जैतपुर में 15 साल का किशोर में डेंगू की पुष्टि हुई है।
एसएन में नौ जिलों से आ रहे हैं डेंगू के मरीज
एसएन मेडिकल कॉलेज के डेंगू वार्ड में आगरा समेत नौ जिलों के मरीज इलाज कराने के लिए आ रहे हैं। इसमें फिरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, कासगंज, अलीगढ़, मथुरा, शिकोहाबाद और औरैया के मरीज हैं। एसएन में फिरोजाबाद के 48, आगरा के 30 और शिकोहाबाद के सात, मैनपुरी के छह, एटा के चार और औरैया के तीन मरीज इलाज करा चुके हैं।
आगरा में बुखार से एक और मौत
बरहन के गांव सराय जयराम में सोमवार की रात बुखार से दीपक (13) उर्फ साहिल की मौत हो गई। उसे पांच दिन से बुखार आ रहा था। आंवलखेड़ा में झोलाछाप से इलाज चल रहा था। उसने डेंगू होने से प्लेटलेट्स कम होना बताया था। आठ दिन पहले भी इसी गांव में एक बच्चे की मौत हो चुकी है। सराय जयराम निवासी विल्सन ने बताया कि उनके बेटे दीपक को गुरुवार को बुखार आ गया था। शुक्रवार को उल्टी-दस्त होने लगे। तब आंवलखेड़ा में दुकान चलाने वाले से दवा लेकर आए, बाद में पता चला कि वह झोलाछाप है। इसने डेंगू के चलते प्लेटलेट़स कम होने की जानकारी दी, कहा कि वह ठीक कर देगा। लेकिन सोमवार को की सुबह बेटे की तबियत ज्यादा बिगड़ गई और आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए लाए। यहां तीन अस्पतालों में गए, लेकिन हालत देखकर भर्ती नहीं किया और रास्ते में रात नौ बजे के करीब दम तोड़ दिया। इससे पहले 14 सितंबर को गांव के दीपक (12) की भी बुखार से मौत हुई थी।
रिपोर्ट: दर्द निवारक दवाओं से गई फिरोजाबाद में डेंगू पीड़ित मासूमों की जान, केजीएमयू के चिकित्सक का दावा