ताजनगरी आगरा में जानलेवा डेंगू ने दस्तक दे दी है। पांच से अधिक मरीज मिल चुके हैं। ऐसे में बचने के लिए लोग पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और कूलर की टंकी को खाली कर दें। जिला मलेरिया अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि मादा एडीज एजिप्टाई मच्छर के काटने से डेंगू होता है। इसमें पूरे शरीर में दर्द होता है, जिसके चलते इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं। ये मच्छर साफ पानी में पनपता है और 25 मिलीलीटर पानी में भी लार्वा पैदा कर देता है। ऐसे में कूलर की टंकी को जरूर साफ कर दें। बच्चों समेत सभी लोग पूरी आस्तीन के कपड़े और पैर ढककर रखें। बुखार आने पर डेंगू के लक्षण प्रतीत होने पर जांच जरूर करवा लें।
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना।
- सिर और आंखों के पर्दे के पीछे दर्द होना।
- जी मिचलाना, उल्टी होना।
ये हैं गंभीर लक्षण:
- पेट में तेज दर्द होना,तेज सांस चलना।
- लगातार उल्टी होना, खून आना।
- मसूडे़ं, नाक, मलद्वार से रक्त आना।
- घर साफ रखें, सीलन वाले कमरों में सोने से बचें।
- बाथरूम-किचन समेत कहीं भी पानी खुला न हो।
- कूलर की टंकी का पानी खाली कर दें, या पांच दिन बाद बदल दें।
- आसपास जलभराव न होने दें, हो तो केरोसिन की कुछ बूंद छिड़क दें।
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, शरीर को ढककर रखें।
- रात में सोते वक्त मच्छरदानी का उपयोग करें।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक डेंगू व मलेरिया न फैले इसकी पूरी तैयारी की गई है। वहीं, मरीजों के आने पर उनको भर्ती किए जाने के भी इंतजाम किए गए हैं। जिला अस्पताल में 10 बेड सुरक्षित कर दिया गया है। प्रत्येक ब्लॉक के सीएचसी पर दो-दो बेड की व्यवस्था की गई है। जरूरत पर संख्या बढ़ाई जा सकती है। प्रत्येक ब्लाक पर रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) को भी सक्रिय कर दिया गया है। कोई सूचना मिलने पर तत्काल इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराएगी।