आगरा: एसएन के डेंगू वार्ड में मरीज
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आगरा: डेंगू मरीज की जांच करतीं चिकित्सक
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एटा में बुखार से वृद्ध की मौत
अलीगंज तहसील क्षेत्र के गांव बिल्सड़ पुवायां में बुखार से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। जबकि मेडिकल कॉलेज में सोमवार को आठ बुखार पीड़ित मरीजों को भर्ती किया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 32 डेंगू संभावित मरीजों की सोमवार को एलाइजा जांच कराई गई। इनमें से चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। बिल्सड़ पुवायां निवासी श्याम सुंदर (85) को पांच दिन पहले बुखार आया। परिजनों ने बताया कि गांव में ही चिकित्सक से उनका उपचार शुरू करा दिया। जहां रविवार को उनकी मौत हो गई। वहीं सोमवार को मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में बसुंधरा निवासी बुखार पीड़ित डौली पहुंची। उसकी मां कमलेश ने बताया कि पुत्री को दस दिन से बुखार आ रहा है। उसे शहर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। जहां से रविवार को घर ले गए। इस दौरान हालत बिगड़ी तो उसे लेकर यहां आए हैं। चिकित्सकों ने उसे डेंगू वार्ड में भर्ती किया है। वहीं अलग-अलग गांव से सात अन्य व्यक्तियों को भर्ती किया गया।
कासगंज में एक और युवती ने बुखार की चपेट में आकर तोड़ा दम
कासगंज जनपद में जानलेवा बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। गंजडुंडवारा के गनेशपुर में एक और युवती की बुखार से मौत हो गई। जिससे जिला में डेंगू व बुखार से मौत का आंकड़ा बढ़कर 65 पहुंच गया। लगातार हो रही मौतों से लोगों में दहशत है। ग्राम गनेशपुर निवासी फरहाना (20 )पुत्री नसीम को 28 सितंबर को बुखार आया। इसके बाद परिजन उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए। तीन दिन तक इलाज कराने पर भी राहत न मिलने के बाद परिजन उसे 1 अक्तूबर को अलीगढ़ ले गए, लेकिन चिकित्सक उसे बचा नहीं सके। उसने शनिवार की देर रात उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उसकी मौत होते ही परिजन चीत्कार कर उठे। 27 दिनों में 15 जानें बुखार व डेंगू से इस गांव में जा चुकी हैं। वहीं जनपद के अन्य क्षेत्रों में सुबह होते ही मरीजों की भीड़ चिकित्सकों के यहां उमड़ पड़ती है। सरकारी अस्पताल में भी मरीज सुबह से ही लाइन में लगे दिखते हैं।
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