आगरा में ही कालका मेल में हुए थे गिरफ्तार
26 अगस्त 1978 को दिल्ली में सेना के अधिकारी के बच्चों गीता और संजय चोपड़ा की हत्या के बाद कुख्यात अपराधी जसवीर सिंह उर्फ बिल्ला और कुलजीत सिंह उर्फ रंगा खुश फरार होकर आगरा आ गए। तब यमुना नदी की बाढ़ के कारण यमुना पार सीता नगर में रहे। 7-8 सितंबर की रात यमुना ब्रिज स्टेशन पर कालका मेल में वह ट्रेन पकड़ते समय फौजियों के डिब्बे में चढ़ गए। सैनिकों से हाथापाई के दौरान उनकी पहचान हो गई। ट्रेन के गार्ड आलोक गुप्ता ने अमर उजाला में उनकी फोटो देखकर रंगा बिल्ला को पहचाना था। दोनों को दिल्ली पहुंचकर पुलिस को सौंप दिया गया।
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आगरा में काटे गए थे बिल्ला के टांके
डूबा हुआ था पुराना शहर
विधायक आगरा पुरषोत्तम खंडेलवाल ने बताया कि जिन दिनों 1978 में बाढ़ में पुराना शहर डूबा हुआ था, तब कुख्यात अपराधियों रंगा बिल्ला की पहचान, पूछताछ के लिए दिल्ली पुलिस स्टीमर में बैठकर भैंरो बाजार आई थी, जहां केनरा बैंक की शाखा हुआ करती थी। एक्टिविस्ट राजीव सक्सेना ने बताया कि यमुना की बाढ़ के साथ उन दिनों रंगा-बिल्ला लोगों की चर्चा का केंद्र थे। आगरा से उन्हें गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद दिल्ली पुलिस उन्हें शिनाख्त और सबूत जुटाने के लिए लेकर आई थी।