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सरकारी सिस्टम ने ली बालिका की 'बलि', आधार न होने पर नहीं लगा एंटी रेबीज का टीका

Tue, 27 Aug 2019 03:45 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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अंजू का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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बाह के खजुआपुरा गांव की नौ साल की अंजू की सरकारी सिस्टम ने जान ले ली। बच्ची को बाह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर आधार कार्ड न होने की वजह से एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) नहीं लगाया गया। पिता अपना आधार कार्ड लेकर सीएचसी के दो दिन चक्कर काटता रहा। 
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हालत बिगड़ी तो एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में भर्ती नहीं किया और गेट पर ही उसने दम तोड़ दिया। मामले में संयुक्त सचिव स्वास्थ्य पंकज कुमार ने डीएम को जांच कर रिपोर्ट मांगी है। 

सोमवार को एसडीएम बाह और एसीएमओ डॉ. वीरेंद्र भारती जांच करने सीएचसी पहुंचे। सात जुलाई के दिन का मरीज का पर्चा मिला, जिस पर चिकित्सक ने एआरवी लगाने के लिए लिखा था। यह जानकारी लेकर टीम मृतका के गांव खजुआपुरा पहुंची।
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यहां मृतका के पिता रामवीर ने बताया कि सात तारीख को बच्ची के एआरवी लगवाने के लिए आधार कार्ड मांगा और कहा कि बिना इसके वैक्सीन नहीं लगेगी। अगले दिन वह अपना आधार कार्ड लेकर गया तो भी वैक्सीन नहीं लगाई। 

डॉक्टरों को बताया कि बेटी का आधार कार्ड नहीं है, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। डॉक्टर और स्टाफ ने कहा कि मरीज का आधार कार्ड होने पर ही वैक्सीन लगेगी, नहीं तो प्राइवेट में लगवा लो। 

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रामवीर ने बताया कि गरीबी के चलते वह प्राइवेट में वैक्सीन लगवाने की स्थिति में नहीं था। एसडीएम महेश चंद्र गुप्ता ने बताया कि जांच पूरी कर ली है रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। 
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यह था मामला
बाह के खजुआपुरा गांव के निवासी नौ साल की अंजू को सात जुलाई को कुत्ते ने काट लिया था। 23 अगस्त को अंजू की हालत बिगड़ने पर मरीज को लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां उसे एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी भेज दिया। 

परिजनों का आरोप है कि यहां बाल रोग अनुभाग के चिकित्सकों ने कुत्ता काटे जाने का इलाज न होने पर भर्ती नहीं किया, दिल्ली ले जाने की बोल दिया। बेटी को लेकर सात घंटे तक एसएन के गेट पर बैठे रहे। कई बार डॉक्टरों से भर्ती करने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। इलाज न मिलने पर अंजू ने गेट पर ही दम तोड़ दिया। 

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एआरवी के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं: सीएमओ
सीएमओ डॉ. मुकेश वत्स का कहना है कि एआरवी के लिए मरीज का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। अगर किसी मरीज पर आधार कार्ड नहीं है तो पहली डोज लगाने के बाद अगली बार परिवार में किसी भी सदस्य का आधार कार्ड ला सकता है। आधार कार्ड के चलते एआरवी नहीं लगाई, बड़ी लापरवाही है। जांच हो रही है।
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