कई बार की शिकायत नहीं हुई सुनवाई
पीड़ित पक्ष ने बताया कि आरोपी दबंग प्रवृति के हैं। उनकी कई बार जलेसर पुलिस से शिकायत की। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना था एक आरोपी पर पचास से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके बाद भी पुलिस उस पर कार्रवाई नहीं कर रही थी। एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल मुआयना करने आए थे। इस दौरान दबंगों ने इस घटना को अंजाम दे दिया।
राहगीर कच्चे रास्तों से होकर गंतव्य पर पहुंचे
जलेसर-अवागढ़ मार्ग पर जाम लगने से राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान राहगीर पड़ोस के गांवों में कच्चे रास्तों से होते हुए अवागढ़ और जलेसर को निकले। इसके चलते करीब चार किलोमीटर तक का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ा।
अधिकारियों से की यह मांगें
- दर्ज कराए गए मुकदमे को धारा 307 व 302 में तरमीम किया जाए ।
- पांच आरोपी अदालत में सरेंडर कर चुके हैं। बाकी को गिरफ्तार किया जाए ।
- आरोपियों के लाइसेंस निरस्त कर शस्त्र जब्त किए जाएं ।
- गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट सहित भू माफिया के तहत कार्रवाई की जाए ।
- पूर्व में दर्ज मुकदमों की पुन: विवेचना की जाए ।
- पूर्व में जो तहरीर दी गई हैं, उन पर भी रिपोर्ट दर्ज की जाए ।
- मृतक सहित जुगेंद्र के परिवार को सुरक्षा दी जाए ।
- जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए ।
- पूर्व प्रधानी में हुए घोटालों की जांच की जाए ।
- पीड़ित पक्ष के लोगों के शस्त्र लाइसेंस बनाए जाएं ।
अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा ने कहा कि मृतक के परिजनों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की मांग को लेकर जाम लगाया गया। उच्चधिकारियों ने समझा बुझाकर जाम को खुलवा दिया। विवेचना की जा रही है। पांच आरोपी अदालत में समर्पण कर चुके हैं। अन्य की गिरफ्तारी जल्द की जाएगी।
नौ नामजद पांच अज्ञात पर दर्ज हुई थी रिपोर्ट
धारदार हथियार व असलाह से फायरिंग करने के मामले में जुगेंद्रपाल ने मोनू सहित नौ नामजद व पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ 27 जून को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सीओ जलेसर इरफान नासिर खान ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर पहले ही मुकदमा दर्ज हो चुका है। अब इसे हत्या में तरमीम किया जाएगा। विवेचना कर कार्रवाई की जा रही है। मोनू ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है।