पड़ोस में रहने वाले कर्मचारी ने अम्बरीश को आवाज दी, लेकिन कमरे के अंदर से कोई आवाज नहीं आई। पत्नी पूनम ने उन्हें पीछे के रास्ते से दरवाजा खोलने का उपाय सुझाया। तब तक कई लोग जुट गए। दरवाजा खोलने के बाद सभी लोग बेड रूम में पहुंचे तो दंग रह गए। बेड पर अम्बरीश औंधे मुंह पड़े थे और चेहरा हल्का नीला पड़ रहा था।
अंकुर ने भाई की हत्या की आशंका जताते हुए बीयू प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि अम्बरीश ने बीयू में हुए 200 करोड़ रुपये के घोटाले की शिकायत शासन से की थी, जिसकी जांच हुई। उनके पास घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज थे, जिसे प्राप्त करने के लिए बीयू के कई अधिकारी लगातार दबाव बना रहे थे। यही नहीं, पुलिस के पहुंचने से पहले ही कुछ लोग घर में घुसे, जो जरूरी कागजात उठाकर ले गए हैं। सीधी भर्ती के तहत जूनियर इंजीनियर पद पर 11 दिसंबर 2000 में अम्बरीश की तैनाती विश्वविद्यालय में हुई थी।
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